Famous Hindi Quotes by Chanakya

Famous Hindi Quotes by Chanakya

एक संतुलित मन के बराबर कोई तपस्या नहीं है। संतोष के बराबर कोई खुशी नहीं है।

लोभ के जैसी कोई बिमारी नहीं है। दया के जैसा कोई सदाचार नहीं है।

– चाणक्य

वो जो अपने परिवार से अति लगाव रखता है भय और दुख में जीता है। सभी दुखों का मुख्य कारण लगाव ही है,

इसलिए खुश रहने के लिए लगाव का त्याग आवशयक है।

– चाणक्य

वो व्यक्ति जो दूसरों के गुप्त दोषों के बारे में बातें करते हैं,

वे अपने आप को बांबी में आवारा घूमने वाले साँपों की तरह बर्बाद कर लेते हैं I

– चाणक्य

सोने के साथ मिलकर चांदी भी सोने जैसी दिखाई पड़ती है अर्थात सत्संग का प्रभाव मनुष्य पर अवश्य पड़ता है।

– चाणक्य

समय का ध्यान नहीं रखने वाला व्यक्ति अपने जीवन में निर्विघ्न नहीं रहता।

– चाणक्य

 

कठोर वाणी अग्नि दाह से भी अधिक तीव्र दुःख पहुँचाती है।

– चाणक्य

दुष्ट की मित्रता से शत्रु की मित्रता अच्छी होती है।

– चाणक्य

 

जहाँ लक्ष्मी (धन) का निवास होता है, वहाँ सहज ही सुख-सम्पदा आ जुड़ती है।

– चाणक्य

जो हमारे दिल में रहता है, वो दूर होके भी पास है। लेकिन जो हमारे दिल में नहीं रहता,

वो पास होके भी दूर है।

– चाणक्य

आत्मविजयी सभी प्रकार की संपत्ति एकत्र करने में समर्थ होता है।

– चाणक्य

भविष्य के अन्धकार में छिपे कार्य के लिए श्रेष्ठ मंत्रणा दीपक के समान प्रकाश देने वाली है।

– चाणक्य

 

दंड का भय ना होने से लोग अकार्य करने लगते हैं।

– चाणक्य

कार्य का स्वरुप निर्धारित हो जाने के बाद वह कार्य लक्ष्य बन जाता है।

– चाणक्य

नीतिवान पुरुष कार्य प्रारम्भ करने से पूर्व ही देश-काल की परीक्षा कर लेते हैं।

– चाणक्य

सभी प्रकार के भय से बदनामी का भय सबसे बड़ा होता है।

– चाणक्य

 

 

 

 

 

 

 

 

जैसे एक बछड़ा हज़ारो गायों के झुंड मे अपनी माँ के पीछे चलता है।

उसी प्रकार आदमी के अच्छे और बुरे कर्म उसके पीछे चलते हैं।

– चाणक्य

विद्या को चोर भी नहीं चुरा सकता।

– चाणक्य

सबसे बड़ा गुरु मंत्र, अपने राज किसी को भी मत बताओ।

ये तुम्हे खत्म कर देगा।

– चाणक्य

आदमी अपने जन्म से नहीं अपने कर्मों से महान होता है।

– चाणक्य

एक समझदार आदमी को सारस की तरह होश से काम लेना चाहिए और जगह, वक्त और अपनी योग्यता को समझते हुए अपने कार्य को सिद्ध करना चाहिए।

– चाणक्य

ईश्वर मूर्तियों में नहीं है। आपकी भावनाएँ ही आपका ईश्वर है।

आत्मा आपका मंदिर है।

– चाणक्य

पुस्तकें एक मूर्ख आदमी के लिए वैसे ही हैं, जैसे एक अंधे के लिए आइना।

– चाणक्य

आग सिर में स्थापित करने पर भी जलाती है।

अर्थात दुष्ट व्यक्ति का कितना भी सम्मान कर लें, वह सदा दुःख ही देता है।

– चाणक्य

गरीब धन की इच्छा करता है, पशु बोलने योग्य होने की, आदमी स्वर्ग की इच्छा करते हैं और धार्मिक लोग मोक्ष की।

– चाणक्य

जो गुजर गया उसकी चिंता नहीं करनी चाहिए, ना ही भविष्य के बारे में चिंतिंत होना चाहिए। समझदार लोग केवल वर्तमान में ही जीते हैं।

– चाणक्य

संकट में बुद्धि भी काम नहीं आती है।

– चाणक्य

जो जिस कार्ये में कुशल हो उसे उसी कार्य में लगना चाहिए।

– चाणक्य

किसी भी कार्य में पल भर का भी विलम्ब ना करें।

– चाणक्य

शत्रु की बुरी आदतों को सुनकर कानों को सुख मिलता है।

– चाणक्य

एक राजा की ताक़त उसकी शक्तिशाली भुजाओं में होती है।

ब्राह्मण की ताक़त उसके आध्यात्मिक ज्ञान में और एक औरत की ताक़त उसकी खूबसूरती, यौवन और मधुर वाणी में होती है।

– चाणक्य

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