व्यक्ति जब तक दूसरों के भरोसे रहता है वह वर्तमान ही नहीं अपितु भविष्य में भी दुख पाता है।

व्यक्ति जब तक दूसरों के भरोसे रहता है वह वर्तमान ही नहीं अपितु भविष्य में भी दुख पाता है।