वक्त हमें अनुभवी बना देता है, कभी ऊँची तो कभी निजी कठिनाइयों, को भगा देता है। कौन कहता है, कि पढ़कर ही लोग समझदार बनते हैं, ज़रा सी चोट लग जाए सीने में, तो एक फ़क़ीर को भी राजा बना देता है!

वक्त हमें अनुभवी बना देता है, कभी ऊँची तो कभी निजी कठिनाइयों, को भगा देता है। कौन कहता है, कि पढ़कर ही लोग समझदार बनते हैं, ज़रा सी चोट लग जाए सीने में, तो एक फ़क़ीर को भी राजा बना देता है!