जो तुम्हारी निंदा करते हैं उन्हें अपने नज़दीक रखना। यही माध्यम है जिससे आप अपनी कमियों को जान पाएंगे। “

जो तुम्हारी निंदा करते हैं उन्हें अपने नज़दीक रखना। यही माध्यम है जिससे आप अपनी कमियों को जान पाएंगे। “