बहुत गिनाते रहे हो दूसरों के गुण दोष, कभी अपने अंदर झांक लो, तो उड़ जाएँगे होश।

बहुत गिनाते रहे हो दूसरों के गुण दोष, कभी अपने अंदर झांक लो, तो उड़ जाएँगे होश।