नादान इंसान ही ज़िंदगी का आनंद लेता है, ज़्यादा होशियार तो हमेशा उलझा हुआ रहता है..

नादान इंसान ही ज़िंदगी का आनंद लेता है, ज़्यादा होशियार तो हमेशा उलझा हुआ रहता है..