जिसका मिलना निश्चित हो उन्हें नियती किसी भी रूप में कभी भी कहीं भी आवश्य मिलती है।

जिसका मिलना निश्चित हो उन्हें नियती किसी भी रूप में कभी भी कहीं भी आवश्य मिलती है।