इंसान हमेशा ये ज़रूर सोचता है की भगवान है की नहीं , पर वो ये कभी नहीं सोचता की मैं इंसान हूँ की नहीं ।

इंसान हमेशा ये ज़रूर सोचता है की भगवान है की नहीं , पर वो ये कभी नहीं सोचता की मैं इंसान हूँ की नहीं ।