सेल्फ मोटीवेशन टिप्स

सेल्फ मोटीवेशन टिप्स

सफलता एक यूनिवर्सल लक्ष्य है, हर इंसान चाहता है कि वो सफल हो,जीवन में जो कुछ भी सोचे ठीक वैसा ही हो,लेकिन वास्तविकता इस सोच से परे है,इस सोच को ९०% तक घायल करती वास्तविकता है।

लेकिन समझ में ये नहीं आता कि जब चाहते सब सफल होना ही है फिर भी सफलता मिलती क्यों नहीं है,क्यों कुछ लोग अपनी मंज़िल तक पहुंच पाते हैं बाक़ी या तो अपनी मंज़िल के साथ समझौता कर लेते हैं या उस से बिल्कुल दूर चले जाते हैं।

जवाब जानने के लिए हम चलते हैं सेल्फ मोटीवेशन के पास,जी हां आत्म प्रेरणा,ये एक तरह से हमारे लक्ष्य को ऊर्जा देने का काम करती है,हम किसी भी लक्ष्य की तरफ अग्रसर हों उस लक्ष्य के लिए उठाया जाने वाला पहला कदम भी आत्म प्रेरणा से ही जागृत होता है।

तो आइए हम जानते हैं अब कि आत्म प्रेरणा को कैसे हम अपने लक्ष्य को हासिल करने में इस्तेमाल कर सकते हैं:

-.जीवन में हर लक्ष्य के प्रति समर्पण का भाव दरअसल आत्म प्रेरणा की ही बदौलत होता है लेकिन समय के साथ इसमें परिवर्तन होते हैं जिसकी वजह से संकल्प कमज़ोर पड़ने लगता है ,शायद इसकी वजह ग़लत लक्ष्य का चुनाव या किसी प्रकार की बाधा हो सकती है।

इसलिए किसी भी लक्ष्य को चुनने से पहले बहुत सोच विचार किया जाना चाहिए,क्योंकि आगे चलकर हमारे लक्ष्य के प्रति आसक्ति ही हमें उस लक्ष्य के और करीब जाने की प्रेरणा देती है और स्पष्ट कहूं तो यही कहीं ना कहीं आत्म प्रेरणा है।

-सेल्फ मोटीवेशन की कमी का कारण कुछ डिस्ट्रैक्शन भी हैं जो धीरे धीरे जीवन का हिस्सा बन जाते हैं और हमारे वास्तविक लक्ष्य से हमें दूर कर देते हैं, इसलिए हमें ऐसे सभी विकर्षण से दूर रहना चाहिए जो हमारे आत्म प्रेरणा में बाधक बने।

-योग करना सीधे एक बहुत बड़ी औषधी के बराबर है लगभग हर प्रकार के मानसिक संतुलन को बनाए रखने में, और जहां तक आत्म प्रेरणा की बात है ,योग के द्वारा इसमें भी आसक्ति भरी जा सकती है या अगर मैं समग्र रूप में कहूं तो ये कह सकता हूं कि हमारी जीवन शैली कहीं ना कहीं सेल्फ मोटीवेशन को प्रभावित करती है इसलिए ये ज़रूरी है कि हम अपनी जीवन शैली को भी बेहतर बनाएं।

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