जीवन में सफलता के कुछ प्रयास

जीवन में सफलता के कुछ प्रयास

हर इंसान अपने जीवन को सुखमय बनाना चाहता है,वो चाहता है कि उसका जीवन खुशियों से भर जाए और वो भी अपने नाम को इतिहास में सुनहरे पन्नों में दर्ज़ कर सके।

लेकिन ऐसा काम पूरे विश्व में कुछ लोग ही कर पाते है,या मैं ये कहूं की गिनती के लोग हैं जो विश्व पटल पर अमर हो जाते हैं तो यह बात कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी।

अब सवाल ये उठता है कि आखिर जो लोग जीवन में कुछ बड़ा कर जाते हैं उनमें और वो जो नहीं कर पाते उनमें क्या फर्क है,तथ्य एक यह भी है कि किसी भी सफलता को आप एक दिन में हासिल नहीं कर सकते,वर्षों का अभ्यास किसी एक मंज़िल की तरफ़ इंसान को लेे जाता है।

अब प्रश्न है कि

आखिर कैसी जीवनशैली होती है ऐसे लोगों की?

या कितना अनुशासन होता है उनकी दिनचर्या में?

निर्णय लेने की क्षमता कैसी होती है?

इन सब प्रश्नों का स्पष्ट उत्तर सफलता की इन पांच आदतों में निहित है जिसका सतत् अभ्यास व्यक्ति को उसकी सफलता के क़रीब ले जाता है।

१.सही लक्ष्य का चुनाव: किसी भी क्षेत्र में सफल होने के लिए ये ज़रूरी है कि लक्ष्य का चुनाव अपने मन मुताबिक किया जाए,क्योंकि आखिर में आप वही काम कर पाएंगे जो आपका दिल कहेगा,इसलिए सुनें सबकी लेकिन करें अपनी,ऐसा बिल्कुल ना हो कि आगे चलकर आपको अपने इस निर्णय पर पछताना पड़े,जितने महान लोग हुए हैं उन सबने लक्ष्य बिल्कुल सही चुना था।

२. लगन: किसी भी कार्य को करने के लिए ये बेहद ज़रूरी है कि आपमें लगन हो ,आप समर्पित रहें उस काम के लिए,और ये लगन आपकी दिनचर्या का हिस्सा बन जाए,ऐसा तभी हो सकता है जब आप पूरे मनोयोग से उस कार्य को करने के लिए संकल्पित होंगे।

३.अनुशासन:जीवन,प्रकृति या अपने आसपास कुछ भी हम देख लें ये सब अनुशासन का पालन करते हुए पाए जाते हैं,फिर हम इन सबका हिस्सा होते हुए भी ऐसा क्यों नहीं करते?

अनुशासन किसी भी कार्य को सफल बनाने का मूल मंत्र है,यही हमें किसी प्रतिद्वंदी के समक्ष आगे या पीछे धकेलता है,इसलिए अपने जीवन को अनुशासित रखें।

४.मेहनत : ‘ कठिन परिश्रम प्रतिभा को मात दे सकती है ‘ ,ये शाब्दिक रूप से जितना सही है उतना ही वास्तविक रूप में भी,कर्म की प्रधानता तो भगवद गीता में भी बताई गई है,इसलिए कर्म अर्थात् मेहनत करने से पीछे ना हटें,आपकी मेहनत ही आपके लिए सफलता का द्वार खोलेगी।

५. आत्मविश्वास : पिछले चार आदतों में केवल यही एक आदत है जिसे दृढ़ संकल्प से साधा जा सकता है, और महसूस किया जा सकता है , इस से व्यक्ति किसी भी प्रकार के डर से या किसी भी प्रकार के रिस्क लेने से घबराता नहीं है और हमेशा उत्साह से लबरेज़ रहता है,और सफलता के लिए उत्साह और आत्मविश्वास बेहद ज़रूरी है।

इन पांच आदतों को जीवन में उतारने के लिए ज़रूरी है कि इंसान अपने अंदर धैर्य और संयम का समावेश करे।

‘ अगर सूरज की तरह चमकना है, तो पहले सूरज की तरह तपो ‘

और इन पांच आदतों का नियमित रूप से पालन करने के लिए आपको तपना ही पड़ेगा यही सृष्टि का भी नियम है,तब निश्चित ही सफलता आपके कदम चूमेगी।

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