आत्मविश्वास ही समाधान

आत्मविश्वास ही समाधान

इस संसार में अगर सबसे शक्तिशाली कोई चीज़ है तो वो आत्मविश्वास ही है,जिसकी मदद से इंसान बड़ा से बड़ा काम कर सकता है,नकारात्मकता से दूर हो सकता है और उस काम में विजय भी हासिल कर सकता है।

हालांकि आत्मविश्वास व्यक्ति की परवरिश पर भी निर्भर करता है या व्यक्ति की छोटी छोटी सफलताओं से भी स्वतः आत्मविश्वास बढ़ने लगता है,कहीं ना कहीं आत्मविश्वास का संबंध कई बातों से है जैसे :

-सोच : सकारात्मक सोच ,आत्मविश्वास को जागृत करने का काम करती है,आत्मविश्वास दरअसल होता सभी के अंदर है लेकिन सब इसे अपने जीवन में उतार नहीं पाते।

-ईमानदारी : ईमानदारी की भावना अपने अंदर कई गुण समेटे हुए है उनमें से ही एक है आत्मविश्वास,क्योंकि अगर इंसान सच्चाई की राह पर चलेगा तभी उसका विश्वास स्वयं पर होना शुरू होगा।

-परिश्रम : आत्मविश्वास का संबंध कभी भी भाग्य से नहीं होता,इसलिए परिश्रम ही एक कुंजी है जिस से हम आत्मविश्वास के बाहर लगे ताले को खोल सकते हैं और उसके अंदर प्रवेश कर सकते हैं।

-लगन : किसी भी काम के प्रति लगन भी उस काम के लिए हमारा आत्मविश्वास कई गुना बढ़ा देता है,इसलिए हमें अपने किसी भी काम को लगन से करना चाहिए।

-आसक्ति :किसी भी कार्य के प्रति हमारा पूर्ण समर्पण ही उस कार्य के प्रति आसक्ति है और यही आसक्ति हम में एक नई ऊर्जा का संचार करती है जिसको हम आत्मविश्वास भी कहते हैं।

तो ये कुछ तरीक़े हैं जो आत्मविश्वास बढ़ाने का काम करते हैं,व्यक्ति लक्ष्य कभी भी छोटा नहीं रखता 

(वास्तव में रखना भी नहीं चाहिए,क्योंकि वो लक्ष्य ही क्या जो आसानी से मिल जाए) और शुरुआत में व्यक्ति उस लक्ष्य को पाने में घबराता है और पहाड़ जैसा लक्ष्य प्रतीत होता है लेकिन जैसे जैसे वो तैयारी में सुदृढ होने लगता है ,वैसे वैसे आत्मविश्वास स्वतः ही कामयाबी के शिखर पर पहुंच जाता है।

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