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Daily yog करने के 13 benefits जानिए!

yoga benefits




Daily yog करना और उसको करीब से जानना दो अलग अलग बातें हैं. हम में से बहुत से लोग ऐसे होंगे जो daily yog करते हैं. लेकिन उससे होने वाले शारीरिक और मानसिक लाभों से शायद अंजान हैं.

कैसे प्राप्त होती है daily yog से shanti, क्यों मनाया जाता है योग दिवस? आज के jeevan में क्या भूमिका है yog की?

आज हम विस्तृत चर्चा करेंगे yog से होने वाले लाभ की.

वजन में कमी,एक मजबूत एवं लचीला शरीर, सुन्दर चमकती त्वचा, शांतिपूर्ण मन,अच्छा स्वास्थ्य-जो आप चाहते हैं, yog आपको देता है. Yog को केवल कुछ योगासनों द्वारा आंशिक रूप से समझा जाता है. इसके लाभ का आंकलन केवल शरीर स्तर पर समझा जाता रहा है, हम ये जानने में असफल रहते हैं कि योग हमें शारीरिक,मानसिक रूप से तथा श्वसन में भी लाभ देता है. जब हम सुन्दर विचारों के संग होते हैं तो हमारा jeevan  ख़ुशी, shanti और भरपूर ऊर्जा से भरा होता है.

विशेषज्ञों का यह मानना है कि yog के अनेक लाभ हैं, daily yog के अभ्यास से लाइलाज बीमारियों का भी इलाज सम्भव हो पाया है. Yog मानव शरीर के लिए एक ऐसी अद्वितीय प्रक्रिया है, जिससे मनोविकारों का शमन होता है. वर्तमान समय में मानव कई मानसिक तनाव से ग्रसित रहता है, जिससे वह कई शारीरिक और मानसिक परेशानियों से घिर जाता है. कभी कभी ये परेशानियां इतनी अधिक बढ़ जाती हैं कि इनका इलाज भी सम्भव नहीं हो पाता, तब yog औषधि के रूप में हम सबके सामने आता है.




क्या क्या लाभ हैं daily yog के आइए हम जानने का प्रयास करते हैं:-

1.संपूर्ण स्वास्थ्य:-

Yog के लाभ

आप तब पूर्ण रूप से स्वस्थ होते हैं तब आप न केवल शारीरिक रूप से अपितु मानसिक एवं भावनात्मक रूप से भी स्वस्थ होते हैं।श्री श्री रविशंकर के अनुसार, “स्वास्थ्य का तात्पर्य बीमारी की अनुपस्थिति नहीं है,यह जीवन की गतिशीलता है जो बताती है कि आप कितने ख़ुशी,प्रेम और ऊर्जा से भरे हुए हैं।”Yog बैठने का तरीका,प्राणायाम तथा ध्यान संयुक्त रूप से सिखाता है। नियमित रूप से अभ्यास करने वाले को असंख्य लाभ प्राप्त होते हैं।

उनमें से कुछ लाभ निम्नलिखित हैं :-

स्वास्थ्य में लाभ, मानसिक शक्ति,शारीरिक शक्ति,शरीर की टूट फूट से रक्षा,शरीर का शुद्ध होना।

2.वजन में संतुलन:-

अधिकतर लोग क्या चाहते हैं? वजन पॉर नियंत्रण या वजन कम करना। सूर्य नमस्कार और कपालभाति, प्राणायाम शरीर के वजन में कमी लाते हैं।इसके अतिरिक्त नियमित रूप से योगाभ्यास इतनी समझ देता है कि हमे किस प्रकार का भोजन कब करना चाहिए। वजन को नियंत्रित रखने के लिए yoga एक वरदान है बशर्ते खान पान का भी पूरा ध्यान दिया जाए।

3.शांत मन व चित्त:-

 योग का केंद्रीय बिंदु है – ध्यान एवं श्वसन क्रिया, यह दोनों ही चीज़ें आपके मन व चित्त को स्थिर कर आपको shanti प्रदान करती हैं। daily yoga से मन शांत रहता है, शरीर में रक्त प्रवाह ठीक प्रकार से होता है और शरीर को ऊर्जा मिलती है। अगर आप ज़्यादा कुछ नहीं कर सकते तो सिर्फ़ ध्यान और प्राणायाम करें, यह मानसिक shanti एवं शक्ति के लिए बहुत ही अच्छा है।

4. एकाग्रता लाएगा daily yog:-

daily yog

एक शोध के अनुसार जिन्हें नींद न आती हो और जिनका मन अशांत रहता हो, उनके लिए ध्यान एक सबसे उपयोगी दवा साबित हो सकती है। ध्यान से एकाग्रता लाने में मदद मिलती है। विद्यार्थी हो या ऑफिस वर्कर हर कोई एक बेहतर जीवन जीने के लिए योग को अपनाकर लाभांवित हो सकता है, जिससे उनकी कार्य क्षमता भी बढ़ जाती है। daily yoga के अभ्यास से मन को एकाग्रचित करना सम्भव है।

5. पेशीय शक्ति का निर्माण:-

Yoga की विभिन्न मुद्राएँ और आसन आपके शरीर को शारीरिक रूप से और मानसिक रूप से मज़बूत बनाते हैं। daily yoga करने से मांसपेशियों में विभिन्न प्रकार के तनाव, दबाव और खिंचाव का अनुभव होता है, तब मांसपेशियों मज़बूत होने लगती हैं। daily yoga करने से शरीर में लचीलापन आता है, जिससे चोट लगने की संभावना कम हो जाती है।

6. चिंता से राहत:-

कुछ मिनट का yoga दिन भर की चिंताओं से मुक्ति दिलाता है। न केवल शारीरिक अपितु मानसिक चिंताओं से भी।योगासन,प्राणायाम और ध्यान तनाव दूर करने का कारगर उपाय है।

7. रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि:-

Yog के लाभ

स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मन का वास होता है, जब आप पूर्ण रूप से प्रसन्न रहते हैं तब आपके शरीर में रक्त संचार बढ़ जाता है और शरीर से विषाक्त तत्व बहार निकल जाते हैं और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाती है।

8. नियंत्रित रक्तचाप :-

एक बेहतर जीवनशैली जीने के लिए स्वस्थ, हष्टपुष्ट और तनाव मुक्त रहना अति आवश्यक है। इसके लिए ज़रूरी है कि daily yoga का अभ्यास करें, क्योंकि योग के द्वारा रक्त संचार में सुधार और धमनियों का शुद्धिकरण होता है और रक्त में कॉलेस्ट्रोल की मात्रा कम होती है और आपका ब्लड प्रेशर ठीक होने लगता है।




9. अनिद्रा की समस्या से निजात मिलती है :-

जब आप शारारिक रूप से स्वस्थ और तनाव मुक्त रहते हैं, तब आपका चित्त और मन भी शांत रहता है। नियमित योग के अभ्यास से आपको नींद भी बेहतर आती है। अच्छी नींद आपको शारीरिक और मानसिक रूप से चुस्त और तंदुरुस्त बनाती है।

10. Daily yog से जोड़ों के दर्द में राहत:-

Daily yog से जोड़ों के दर्द में राहत

जब आपकी मांसपेशियां मज़बूत होती हैं और आपकी सेहत सुधरती है तब आपके जोड़ भी मज़बूत हो जाते हैं। जैसे जैसे जोड़ को बांधने वाले लिगामेंट्स या तंतु मज़बूत होने लगते हैं वैसे वैसे आपके जोड़ों का दर्द जाता रहता है।

11. ऑक्सिजन की अच्छी मात्रा का फेफड़ों तक पहुँचना:-

नियमित प्राणायाम के अभ्यास से शरीर स्वस्थ रहता है और फेफड़ों में ऑक्सीजन लेने की क्षमता बढ़ती है। इस तरह से एक सामान्य स्थिति में हम जितनी मात्रा में साँस अन्दर नहीं लेते, उतनी प्राणायाम के समय लेते हैं। इससे  फेफड़ों की ऑक्सीजन लेने की क्षमता बढ़ जाती है।

12. सही रक्त संचार

कई शोध से ये बात उजागर हो चुकी है कि yoga रक्तसंचार को बेहतर करता ही है, साथ में रक्त में हीमोग्लोबिन और लाल रक्त कणिकाओं की मात्रा को भी बढ़ाता है। daily yoga से रक्त संचार बढ़ता है, मांसपेशियों के तनाव और संकुचन से जो स्थिति बनती है वह रक्त संचार को बढ़ाती है, और श्वशन क्रिया से ख़ून में ज़्यादा मात्रा में ऑक्सीजन जाती है जिससे शरीर ज़्यादा ऊर्जावान महसूस करता है।

13. निरोगी जीवन :-

Yog के लाभ

Daily yoga का अभ्यास हमारी सहन शक्ति और रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाकर योग हमें निरोगी और दवाओं से मुक्त रखता है। yoga एक ऐसा व्यायाम है जिससे हम जीवनशैली को बेहतर बना सकते हैं, इसलिए yoga करें और निरोगी रहें।

Yoga प्राचीन समय से भारत का अनमोल खजाना रहा है।

समय की मार और सही yoga गुरु की कमी के चलते yoga कब देश से विदेश में जाकर योगा (yoga) बन गया हमें पता भी नहीं चल पाया. हमारा ही ज्ञान विदेशियों ने सीख कर हमें ही उसके बारे में समझाना शुरू कर दिया. स्वामी विवेकानन्द जी ने बहुत जोर दिया था yoga को समझाने और अपनाने पर. हम अपना yoga भूल विदेशियों के एक्सरसाइस को अपना बना बैठे. आखिर स्वामी रामदेव, श्री श्री रविशंकर, आचार्य बालकृष्ण जैसे गुरु का आगमन हुआ और yoga को फिर से एक नई पहचान मिली और भारत के आज घर घर में yoga और योगासन को बच्चा बच्चा जानने लगा है.

इसकी महत्ता को और बढ़ाने हेतु प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में योग के महत्त्व को कुछ इस तरह बताया:

“योग भारत की प्राचीन परंपरा का एक अमूल्य उपहार है यह दिमाग और शरीर की एकता का प्रतीक है; मनुष्य और प्रकृति के बीच सामंजस्य है; विचार, संयम और पूर्ति प्रदान करने वाला है तथा स्वास्थ्य और भलाई के लिए एक समग्र दृष्टिकोण को भी प्रदान करने वाला है. यह व्यायाम के बारे में नहीं है, लेकिन अपने भीतर एकता की भावना, दुनिया और प्रकृति की खोज के विषय में है. हमारी बदलती जीवन शैली में यह चेतना बनकर, हमें जलवायु परिवर्तन से निपटने में मदद कर सकता है. तो आयें एक अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को गोद लेने की दिशा में काम करते हैं.”

इस तरह उन्होंने 27 सितंबर 2014 को उस महासभा में “21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस” घोषित किया. जिसे 11 दिसंबर 2014 को मंजूरी भी मिल गई. इसके बाद पहली बार योग दिवस 21जून 2015 को मनाया गया।

About the author

Nisha Shekhawat Adhikari

B.sc.(math)
MBA( HR & marketing)
She has participated in various functions as a speaker.
Content or blog writer by passion. She had written few blogs in DNA newspaper Jaipur and Some articles for college magazines.

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