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सिंह, कन्या, तुला व वृश्चिक राशियों की प्रकृति!

राशिफल




5. सिंह राशि की प्रकृति :-

सिंह राशि

सिंह राशि, राशि चक्र का पुरुष्त्व से भरपूर राशि चिह्न हैं शेर इसका प्रतीक है। सिंह राशि वाले जातक शक्ति और महिमा फ़ैलाते हैं। ये जन्मजात नेता हैं, और सामाजिक सारोकार के लिए लोगों के साथ खड़े रहते हैं। हालांकि, ये अति उत्साह में कारवाई करने के लिए उत्सुक होते हैं और प्यार और सराहना की इच्छा से प्रेरित रहते हैं। ये अव्यक्त शक्ति से भरपूर होते हैं और अपने शिकार को मात्र देख कर बुला सकते हैं। बहुत महत्वाकांक्षी और अपने चुने हुए क्षेत्र में बहुत ऊपर तक पहुंचने का प्रयास करते हैं। बहुत भावुक हो सकते हैं, और आलोचना को हल्के में नहीं ले पाते हैं। विडंबना यह है कि ये कभी कभी अभिमानी हो जाते हैं और अन्य लोगों की भावनाओं को चोट पहुँचा सकते हैं। हालांकि, आप नरम दिल के हैं और दूसरों को उनकी मुश्किलों से बाहर निकालने में मदद करने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। रिश्तों में अपनी आजादी से समझौता नहीं कर सकते हैं। ये एक देखभाल करने वाले साथी साबित हो सकते हैं। इस राशि के लोग सुंदर लोगों की ओर आकर्षित होते हैं और सुंदरता की सराहना करते हैं।
सिंह राशि का स्वामी ग्रह सूर्य है,  जो हमारे सौर मंडल का मुखिया है। सूर्य केंद्र में होता है और अन्य खगोलीय पिंड इसके चारों ओर घूमते हैं। सूर्य से ही सारे ग्रह  को प्रकाश प्राप्त होता है और ऊर्जा का मुख्य स्रोत होता है। ज्योतिषिय शास्त्र के अनुसार सूर्य हमारी इच्छा का प्रतिनिधित्व करता है। यह ईंधन की तरह हमारे व्यक्तिगत इच्छाओं को आग देता है और हमें जीवन जीने का कारण देता है। सूरज के इस राशि में मुख्य ग्रह होने से पता चलता है कि ये जातक दुनिया में जीवन का पोषण करते हैं पर साथ ही साथ सृष्टि का सफाया करने की भी शक्ति रखते हैं।
सिंह राशि का मूल तत्व अग्नि है और इस राशि के जातक अपनी ऊर्जा और उत्साह के लिए जाने जाते हैं। इनकी ऊर्जा समय के साथ कम नहीं होती है। इनकी ऊर्जा संक्रामक होती है और दूसरों को भी ऊर्जा से भर देती है। हालांकि, आग की तरह ये अपनी अगली चाल की योजना नहीं बनाते हैं। ये अपने कार्यों में भी अप्रत्याशित हो सकते हैं। इनके अन्दर मजबूत नेतृत्व के गुण होते हैं और इसलिए ये नेतृत्व के स्वाभाविक दावेदार होते हैं। ये आग की तरह तीव्र होते हैं, और कभी तृप्त नहीं होते हैं।

विशेषता:-

इनकी सबसे बड़ी विशेषता इनका आत्मविश्वास है, और यह ऐसी शक्ति हैं जो अपनी उपस्थिति में दूसरों को भी आश्वस्त करते हैं। दृढ़ संकल्प, सहानुभूति, निष्ठा, और प्रेरणा का एक बड़ा स्रोत होना इनके अन्य सकारात्मक गुण हैं।

कमजोरियां:-

इनके चरित्र के कुछ नकारात्मक लक्षण हैं जैसे अक्सर प्रशंसा पाने के लिए ये ऐसे लोगों के बीच फ़ंस जाते हैं जो आपको नुकसान पहुँचा सकते हैं। ये आलोचना बर्दाश्त नहीं कर सकते हैं। दबंग, नाटकीय और बहुत जिद्दी होना इनकेे अन्य नकारात्मक गुण हैं।

6. कन्या राशि की प्रकृति:-

कन्या राशि की प्रकृति

कन्या राशि को कुंवारी कन्या द्वारा दर्शाया जाता है, जो पवित्रता को दर्शाता है। ये पाखंडी हो सकते हो पर हमेशा नहीं। इनमें अच्छे और बुरे को पहचानने की शक्ति है, जो इनको भेदभाव करने वाला बनाता है।इनके अन्दर एक अलौकिक क्षमता है, जिससे ये लोगों के गलत उद्देश्यों को भांप लेते हैं। इस राशि वाले जातक दूसरों के साथ चौकस व्यवहार करने में मदद करते हैं। ऐसे तो ये निष्क्रिय रहते हैं,परन्तु जब स्थिति की मांग हो तो बहुत फ़ुर्ती से काम कर लेते हैं।  साफ़ सफाई को लेकर सनकी होते हैं, जो दूसरों को परेशान कर सकता है। यद्यपि ये बुद्धिमान हैं, लेकिन अपने दैनिक कामकाज को लेकर उलझन महसूस करते हैं।  वास्तव में ये बहिर्मुखी नहीं हैं लेकिन नए संपर्क बनाने में अच्छे हैं। इनकी जिम्मेदारी की गहरी भावना इनको अक्सर भारी तनाव में डाल देती है। ये भावुक हो सकते हैं, लेकिन शायद ही कभी अपनी भावनाओं को सार्वजनिक करते हैं और उन्हें अपने आप तक ही रखना पसंद करते हैं। कई बार आलोचनात्मक हो जाते हैं जिससे इनकी आस पास के लोगों के साथ तकरार हो सकती है। इन्हें सबसे ज्यादा सफ़ाई पसंद है, जिसके कारण इनके चारों ओर सब कुछ साफ और स्वच्छ हालत में होता है।
कन्या राशि का स्वामी ग्रह बुध है जो न केवल आपके विचार का प्रतीक है बल्कि आप जिस तरह उन्हें व्यक्त करते हैं उसका भी प्रतीक हैं। यह ग्रह भाषा की जानकारी के लिये उपयोगी है।  यह किसी भी अन्य ग्रह की तुलना में सूर्य के चारों ओर तेजी से चक्कर लगाता है। बुध इस राशि के जातक की बौद्धिक चयन की क्षमता के लिए भी जिम्मेदार होता है जिससे कि ये अच्छे और बुरे में फ़र्क कर पायें। कन्या राशि का यह महत्वपूर्ण ग्रह हर उपलब्ध जानकारी को परखता है।
इस राशि का तत्त्व है पृथ्वी। ये धरातलीय समूह से संबंधित है और यह बहुत सही है क्योंकि पृथ्वी व्यावहारिकता का प्रतिनिधित्व करता है। ये जातक अपनी सोच में अत्यंत व्यावहारिक होते हैं। तार्किक बुद्धि के होते हैं। इनके अन्दर एक अलौकिक शक्ति होती है जिससे ये धोखा देने वालो को पहचान लेते हैं। ज्योतिष के सिंद्धान्तो के अनुसार, ये अपने पैर मजबूती से जमीन पर रखते हैं अर्थात जो असली हैं केवल उसे ही स्वीकारते हैं। ये काल्पनिक दुनिया से कोसो दूर रहते हैं और यही मुख्य कारण है कि इनके सुझावों की मांग दूसरों से ज्यादा रहती है।
विशेषता:-
बुद्धिमत्ता इनकी सबसे बड़ी शक्ति है। वास्तव में, ये सभी राशियों के चक्र में सबसे ज्यादा बुद्धिमान राशि है। इनकी विश्लेषणात्मक समझ इनको कठिन स्थिति की समीक्षा करने की क्षमता प्रदान करती है। ये तुलनात्मक शक्तियों से उपहारित हैं। इनको धोखा देना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है। ये कभी भी सत्ता या पैसे के लिए गिर नहीं सकते।
कमजोरियां:-
व्यावहारिकता इनकी सबसे प्रमुख शक्ति है,लेकिन इसकी अधिकता आपकी कमजोरी भी बन सकती है। ये सफाई पसंद इंसान हैं, पर कई बार अनावश्यक रूप से परेशान हो जाते हैं। ये अपने आसपास की हर चीज और हर किसी को शक के नजरिए से देखते हैं। हर किसी के काम में टांग अड़ाना इन जातकों की एक बुरी आदत है। सब कुछ सही क्रम में रखने की इनकी प्रकृति अन्य लोगों को परेशान कर देती है।

7. तुला राशि की प्रकृति:-

तुला राशि की प्रकृति

तुला संतुलन और ऊर्जा के विशाल भंडार का सूचक है। चूंकि आप राशिचक्र के सातवें घर में आते हैं और आपका चिह्न तुला है,  आपकी चेतना में भी हर समय यह व्याप्त रहता है कि आप के चारों ओर सब कुछ कैसे संतुलन में रखा जाए,फ़िर चाहे वह घर हो या अपने काम की जगह। इस राशि के जातक हर समय सामंजस्य की तलाश में रहते हैं और बहुत व्यावहारिक समाधान निकालते हैं। क्योंकि ये बहुत ऊर्जावान हैं, ये बहुत फुर्ती से कार्य करते हैं और इस चक्कर में अपने आप को इतना थका देते हैं कि ये जल्दी से क्रोधित हो जाते हैं। इनका मूड हमेशा चढ़ता उतरता रहता है। कभी कभी ये बहुत ही सकारात्मक रूप में रहते हैं जैसे सहायक, हर्षित, और मैत्रीपूर्ण, जबकि अन्य समय इनके चारों ओर अंधेरी आभा मंडराने लगती है, और ऐसे समय में ये पूरी तरह से नकारात्मक हो जाते हैं और दूसरों के दर्द के प्रति बहुत असंवेदनशील हो जाते हैं। यद्यपि इनमें पर्याप्त क्षमता है कि ये स्थिति के अनुसार अच्छा प्रदर्शन करें। ये अक्सर अन्य अवसरों की तलाश में अपनी एकाग्रता खो देते हैं। संक्षेप में, ये एक बुद्धिमान इंसान हैं इनकेे आसपास होना आनन्द दायक हो सकता है। स्वाभाविक रूप से, ये एक श्रेष्ठ मेजबान हो सकते हैं।
तुला राशि का स्वामी ग्रह शुक्र है, जो प्यार और इच्छा का प्रतीक है। हालांकि, जैसा कि अक्सर गलत समझा जाता है, यह रोमांस, सुंदरता और शारीरिक प्यार या वासना से संबधित नहीं है बल्कि यह आदर्श प्यार का प्रतीक है। जब भी ये एक सुंदर पेंटिंग या किसी अन्य काम या कला को देखते हैं और इसकी सराहना करते हैं, तो समझ लिजिए कि आप शुक्र के प्रभाव में यह सब कर रहें हैं। मूलरूप में यह एक आदर्श के रूप में सौंदर्य की धारणा के बारे में है।
तुला राशि का तत्त्व है वायु।
वायु अप्रत्याशित और अपनी दिशा त्वरित बदलने के लिए जाना जाता है। चूंकि वायु इस राशि का तत्त्व है, तो इस राशि के जातक भी अपने कार्यों में अप्रत्याशित होते हैं। ये किसी क्षण तो अत्यधिक सक्रिय होते हैं और अगले ही क्षण हो सकता है पूरी तरह से निष्क्रिय व्यवहार करें। ये न सिर्फ महान विचारक हैं, बल्कि इनको भाषाओं की बहुत अच्छी जानकारी होती है। ये अक्सर बहुभाषी और मजेदार होते हैं। इनको स्थितियों का विश्लेषण करने और समाधान निकालने में महारत हासिल होती है।
विशेषता:-
ये बुद्धिमान और ईमानदार होते हैं। इनमें चुनौतीपूर्ण स्थितियों में संतुलन बनाए रखने की क्षमता होती है और इसलिए आप दो पक्षों के बीच शांति बना पाते हैं। राजनयिक होना, सुंदर, आकर्षक, आदर्शवादी और शांतिप्रिय होना इनकी ताकत है।
कमजोरी:-
इनकी सबसे बड़ी कमजोरी है कि ये लोगों के साथ झगड़ लेते हैं केवल अपने आपको साबित करने के लिए। इसके अलावा, ये कभी कभी साहस के साथ स्थिति का सामना करने के बजाय पीछे हट जाते हैं। उथलापन, भाग्यवादी, अनिश्चय और अविश्वसनीयता इनके कुछ अन्य नकारात्मक अवगुण हैं।

8. वृश्चिक राशि की प्रकृति:-

वृश्चिक राशि की प्रकृति

इनका चिह्न शक्तिशाली और खतरनाक बिच्छू है। कुछ ज्योतिषी इनको एक अंतर्मुखी स्त्री चिह्न मानते हैं। हालांकि, इनकी प्रकृति भी विविध है और जैसे जैसे ये बड़े होते जाते हैं, इनकी प्रकृति विकसित और उच्च स्तर को छूने वाली बन जाती है। इनकेे आस पास रहना एक दिलचस्प अनुभव हो सकता है पर साथ ही साथ यह खतरनाक भी हो सकता है। कुछ ज्योतिषी इनकी राशि को तीन प्रकार से वर्गीकृत करते हैं – 1. महान और उत्साही – जो बहुत ही दयालु हो सकते हैं। 2.जहरीला- जो खतरनाक होते हैं और 3. रंग बदलू -जो स्थिति के अनुसार अपनी पहचान बदल लेते हैं और हानिरहित होते हैं।
कई बार इनकी असली मंशा को पहचानना एक बड़ी समस्या बन जाता है। कुछ लोग सोचते हैं कि ये बदले की भावना मन में पाले रहते हैं और अच्छा मौका मिलने तक निष्क्रिय बने रहते हैं और मौका मिलते ही बिच्छु की तरह दंश मारते हैं। ये बड़े साहसिक हो सकते हैं और जो सामने हैं उसके बजाय पीछे क्या छिपा हैै यह जानने को ज्यादा उत्सुक रहते हैं। ये बहुत शक्तिशाली और सिर पर बड़ी समस्या आने से डरते नहीं हैं।
वृश्चिक राशि के स्वामी ग्रह प्लूटो हैं।
प्लूटो हमारी चेतना के अन्दर या हमारी अवचेतना का प्रतीक हैं। स्वामी ग्रह के रूप में, प्लूटो तीव्र और शक्तिशाली है, और ऐसी चीजों की व्याख्या करता है जो आपके समझ के परे हैं। इसके छिपे हुए तरंगो से चमत्कारी परिवर्तन आ सकता है।
वृश्चिक राशि का तत्त्व जल है। ज्योतिषीय संकेत जो जल तत्व के अन्तर्गत आते हैं उनकी प्रकृति भावुक होती है। जिस तरीके से पानी की गहराई के अनेक स्तर होते हैं , जैसे उथली नदी या गहरा सागर उसी तरह भावनाओं का भी बहुत व्यापक स्तर पाया जाता है। इस राशि के जातकों के लिए यह भविष्यवाणी करना कि ये किसी स्थिति में कैसी प्रतिक्रिया देंगे हमेशा से ही मुश्किल रहा है। इसके अलावा,जिस तऱह सागर अपनी गहराई में अनन्त रहस्य समेटे रहता है उसी तरह इनकी भी रहस्यमय आभा होती है।
विशेषता:-
इनका व्यक्तित्व चुंबकीय होता है। इनके आकर्षण की वजह से लोग इनको मुड़ मुड़ कर देखते हैं। ये बुद्धिमान और मनोरंजक वक्ता होते हैं और यह इनके लिए आसान है कि ये दूसरों को अपनी ओर आकर्षित कर लें। लोगों को इनके संग आनंद आता है। ये भावुक और वफादार होते हैं, जो इनको महान प्रेमी का दर्जा दिलाता है। जब तक कि कोई इनकी भावनाओं को आहत नहीं करता, ये बहुत उदारता से उनकी मदद करते हैं।
कमजोरी:-
इनकी सबसे बड़ी कमजोरी यह है कि इनके अन्दर साहस का भंडार छिपा होने के बावजूद, ये सीधा हमला करने से बचते हैं। ये अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए व्यापक और चालाक योजनाएं बनाते हैं। ये जोड़ तोड़ करने वाले, ईर्ष्यालु, जुनूनी, अविश्वासी और जिद्दी हो सकते हैं।

About the author

Nisha Shekhawat Adhikari

B.sc.(math)
MBA( HR & marketing)
She has participated in various functions as a speaker.
Content or blog writer by passion. She had written few blogs in DNA newspaper Jaipur and Some articles for college magazines.

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