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सफलता पाने के वास्तु टिप्स | Vastu tips in hindi

vastu tips




वास्तु के बारे में हम सभी सुनते रहते हैं लेकिन हमें यह शास्त्र बहुत कठिन सा प्रतीत होता है। लेकिन कुछ बातों पर अगर ध्यान रखा जाए तो यह बेहद आसान और सरल मालूम होगा। आज हम इसी विषय पर गौर करेंगे। जानेंगे कौनसी vastu tips हैं जिनका हमें विशेष ध्यान रखना है?

कैसे vastu tips से career को मिल सकती है एक नई उड़ान?

और साथ ही में जानेंगे कुछ ऐसे vastu tips जो नौकरी प्राप्त करवाने में होंगे सहायक। घर से नकारात्मक ऊर्जा को कैसे दूर करें ताकि घर में बनी रहे सुख और शांति !

साथ ही संक्षेप में बात करेंगे ज्योतिष और वास्तु के संबंध की।

वास्तु एक प्राचीन विज्ञान है, जो हमें बताता है कि घर, ऑफिस, व्यवसाय इत्यादि में कौन सी चीज होनी चाहिए और कौन सी नहीं। साथ ही हमें यह भी बतलाता है कि किस चीज के लिए कौन सी दिशा सही होगी। यह हमें बताता है कि वास्तु दोषों का निवारण कैसे किया जा सकता है। यह मिथक या अन्धविश्वास पर आधारित बातें नहीं बताता है। वास्तु एक विज्ञान है, अन्धविश्वास नहीं। तो आइए जानते हैं कि वास्तुशास्त्र के अनुसार घर के लिए क्या-क्या सही है और क्या-क्या गलत!




घर के लिए कुछ महत्वपूर्ण VASTU TIPS :

– पूजा घर उत्तर-पूर्व दिशा अर्थात ईशान कोण में बनाना सबसे अच्छा रहता है।

– अगर इस दिशा में पूजा घर बनाना सम्भव नहीं हो रहा हो, तो उत्तर दिशा में पूजा घर बनाया जा सकता है।लेकिन ध्यान रखें कि ईशान कोण सर्वश्रेष्ठ दिशा है।

– पूजा घर से सटा हुआ या पूजा घर के ऊपर या नीचे शौचालय नहीं होना चाहिए।

– पूजा घर में प्रतिमा स्थापित नहीं करनी चाहिए क्योंकि घर में प्राण प्रतिष्ठित मूर्ति का ध्यान उस    तरह से नहीं रखा जा सकता है जैसा कि रखा जाना चाहिए। अतः छोटी मूर्तियाँ और चित्र हीं पूजा घर में लगाने चाहिए।

– सीढ़ी के नीचे पूजा घर नहीं बनाना चाहिए। फटे हुए चित्र, या खंडित मूर्ति पूजा घर में बिल्कुल नहीं होनी चाहिए।

– पूजा घर और रसोई या बेडरूम एक ही कमरे में नहीं होना चाहिए।

– घर के मालिक का कमरा दक्षिण-पश्चिम दिशा में होना चाहिए। अगर इस दिशा में सम्भव न हो, तो उत्तर-पश्चिम दिशा दूसरा सर्वश्रेष्ठ विकल्प है।

– गेस्ट रूम उत्तर-पूर्व की ओर होना चाहिए। अगर उत्तर-पूर्व में कमरा बनाना सम्भव न हो, तो उत्तर पश्चिम दिशा दूसरा सर्वश्रेष्ठ विकल्प है।उत्तर-पूर्व में किसी का भी बेडरूम नहीं होना चाहिए।रसोई के लिए दक्षिण-पूर्व दिशा सबसे अच्छी होती है।

– शौचालय और स्नानघर दक्षिण-पश्चिम दिशा में होना सर्वश्रेष्ठ है।

– घर की सीढ़ी सामने की ओर से नहीं होनी चाहिए, और सीढ़ी ऐसी जगह पर होनी चाहिए कि घर में घूसने वाले व्यक्ति को यह सामने नजर नहीं आनी चाहिए। – – सीढ़ी के पायदानों की संख्या विषम 21, 23, 25 इत्यादि होनी चाहिए।

– सीढ़ी के नीचे शौचालय, रसोई, स्नानघर, पूजा घर इत्यादि नहीं होने चाहिए।

– सीढ़ी के नीचे कबाड़ भी नहीं रखना चाहिए।सीढ़ी के नीचे कुछ उपयोगी सामान रख सकते हैं और सीढ़ी के नीचे रखे हुए सामान सुसज्जित होने चाहिए।

– घर का कोई भी रैक खुला नहीं होना चाहिए।उसमें पल्ले जरुर लगाने चाहिए।घर में कबाड़ नहीं रखना चाहिए।

– कमरे की लाइट्स पूर्व या उत्तर दिशा में लगी होनी चाहिए।घर के ज्यादातर कमरों की खिड़कियाँ और दरवाजे उत्तर या पूर्व दिशा में खुलने चाहिए।

– सीढ़ी पश्चिम दिशा में होनी चाहिए।

– घर का मुख्य दरवाजा दक्षिणमुखी नहीं होना चाहिए।अगर मजबूरी में दक्षिणमुखी दरवाजा बनाना पड़ गया हो, तो दरवाजे के सामने एक बड़ा सा आईना लगा दें।

– घर के प्रवेश द्वार में ऊं या स्वास्तिक बनाएँ या उसकी थोड़ी बड़ी आकृति लगाएँ।

– पूजा घर या उत्तर-पूर्व दिशा में जल से भरकर कलश रखें।

– शयनकक्ष में भगवान की या धार्मिक आस्थाओं से जुड़ी तस्वीर नहीं लगानी चाहिए।

ये छोटे-छोटे vastu tips आपके घर के लिए जितने आवश्यक हैं उतने ही आपकी किस्मत को बदलने में सहायक भी हैं।

Vastu tips for career :

व्यक्ति के जीवन में कैरियर का महत्व बहुत एहमियत रखता है और हर कोई यही चाहता है कि वो जो भी काम करें उसमें उसे सफलता हासिल हो। लेकिन कई बार कड़ी मेहनत करने के बाद भी सफलता छू कर हाथ से निकल जाती है और हमें मनचाहा फल नहीं मिलता। ऐसे में वास्तुशास्त्र की मदद से आप अपने career में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। यहां कुछ वास्तु उपाय है जो कैरियर में मददगार साबित हो सकते हैं-

– ऑफिस में दक्षिण दिशा में ब्लू रंग का इस्तेमाल नहीं करें। इससे तरक्की मिलने में समस्या आएगी।

– अपने कैरियर से जुडी चीजें किसी को गिफ्ट नहीं करें। जैसे यदि आप लेखन से जुडे हैं तो किसी को पुस्तक या कलम उपहार में नहीं दें।

– डेस्कटॉप पर मनीप्लांट की जगह बैंबू प्लांट भी लगाया जा सकता है। फेंग शुई के अनुसार इस प्लांट को लगाने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और शुभ कार्यों को गति मिलती है।

– ऑफिस में काम करते वक्त आपका चेहरा आपके सहकर्मी की तरफ नहीं हो। इससे आपकी ऊर्जा का क्षय होगा।

– दफ्तर में कोरिडोर में वर्क स्टेशन है, तो यह गलत है। ऐसी जगहों पर नेगेटिव एनर्जी होती है।




अब बात करते हैं नौकरी में सफलता पाने के vastu tips की!

कभी-कभी ऐसा देखा गया है कि व्यक्ति हर तरह से सम्पन्न होते हुए भी बेरोजगार रह जाता है। वह नौकरी के लिए जितना अधिक प्रयास करता है, उसकी कोशिश उतनी ही विफल होती जाती है। इसके लिए व्यक्ति भाग्य को जिम्मेदार ठहराता है।

लेकिन अपने भाग्य को कोसने के बजाय एक उपाय करें:-

नौकरी के लिए इंटरव्यू देने जाएं, तो जेब में लाल रूमाल या कोई लाल कपड़ा रखें।

यदि सम्भव हो, तो शर्ट भी लाल पहनें। आप जितना अधिक लाल रंग का प्रयोग कर सकते हैं, करें। लेकिन यह याद रखें कि लाल रंग भड़कीला ना लगे सौम्य लगे। रात में सोते समय शयन कक्ष में पीले रंग का प्रयोग करें। याद रखें, लाल, पीला व सुनहरा रंग आपके भाग्य में वृद्धि लाता है।

इसके अलावा कुछ ऐसे vastu tips हैं जिन्हें करके हम नौकरी प्राप्त कर सफलता को पा सकते हैं :

1. रोजाना शिवलिंग पर जल चढ़ाकर अक्षत यानी चावल अर्पित करना चाहिए। शास्त्रों के अनुसार इस उपाय से व्यक्ति को अखंड लक्ष्मी की प्राप्ति होती है।

2. इंटरव्यू देने जाते समय यदि रास्ते में कोई गाय नजर आ जाए तो उसे आटा-गुड़ खिला कर जाएं।

3. आपको नौकरी के लिए इंटरव्यू देने जाना है तो घर से निकलने से पहले हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए ।

4. बजरंग बली का फोटो जिसमें उनका उड़ता हुआ चित्र हो घर में रखना चाहिए और उसकी पूजा करनी चाहिए।

5. एक नींबू के ऊपर चार लौंग गाड़ दें और ‘ॐ श्री हनुमते नम:’ मंत्र का 108 बार जप करके नींबू को अपने साथ लेकर जाएं। आपका काम अवश्य बन जाएगा।

6. रूके हुए कार्य सिद्धि के लिए यह टोटका बहुत ही लाभदायक है। किसी भी गणेश चतुर्थी को गणेश जी का ऐसा चित्र घर पर लगाएं, जिसमें उनकी सूंड दाईं ओर मुड़ी हुई हो। उनकी आराधना         करें। उनके आगे लौंग तथा सुपारी रखें। जब भी कहीं काम पर जाना हो, तो इस लौंग तथा सुपारी को साथ लेकर जाएं, तो काम सिद्ध होगा।

7. श्रीकृष्ण का मूलमंत्र ‘कृं कृष्णाय नमः’ है। अपना सुख चाहने वाले प्रत्येक मनुष्य को इस मूलमंत्र का जाप प्रातः काल नित्य क्रिया व स्नानादि के पश्चात एक सौ आठ बार करना चाहिए। ऐसा           करने वाले मनुष्य सभी बाधाओं से सदैव मुक्त रहते हैं।

8. जब भी आप नौकरी के लिए इंटरव्यू देने जाएं तो ‘ॐ नम: भगवती पद्मावती ऋद्धि-सिद्धि दायिनी’ इस मंत्र का जप 108 कर लें। एकाग्र मन से जप करने पर आपकी मनोकामना अवश्य पूर्ण              होगी।

9. रोज सुबह पक्षियों को सात प्रकार के अनाजों को एकसाथ मिलाकर खिलाएं और मंदिर में दर्शन करें।

10. शनिवार के दिन शनि देव का विधिपूर्वक पूजन करके ॐ शं शनैश्चराय नम: 108 बार जप करें।

ये कुछ वो vastu tips थे जो हमें नौकरी दिलाने में कारगर हैं और इन्हें करना भी बेहद सरल है।

Career और नौकरी में सफलता पाने के टोटके तो हमने जान लिए। लेकिन घर की नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने के लिए भी कुछ vastu tips हैं जिन्हें करके आप घर में पॉजिटिव ऊर्जा भर सकते हैं और साथ ही में हर काम में सफलता प्राप्त कर सकते हैं। अगर वास्तु में बताई गई कुछ बातों का ध्यान रखा जाए तो घर में हर समय सुख-शांति बनी रहती है।

जानते हैं कुछ अलग vastu tips के बारे में :

1. घर की उत्तर दक्षिण दिशा में धातु के सिक्कों से भरा कटोरा रखना चाहिए। यह दिशा घर के नेतृत्व की दिशा मानी जाती है। इस दिशा में धातु के सिक्कों का कटोरा रखने से कई तरह के लाभ होते हैं।

2. घर में अगर फैमिली फ़ोटो लगानी हो तो दक्षिण -पश्चिम दिशा शुभ होती है। इस दिशा में घर के सभी सदस्यों की फ़ोटो लगाने से हर काम में परिवार का सहयोग मिलता है।

3. घर की छत पर बनी पानी की टंकी दक्षिण पश्चिम दिशा में होनी चाहिए। इसके अलावा किसी अन्य दिशा में बनाई गई टंकी अशुभ मानी जाती है। ऐसा करना यदि संभव नहीं हो तो टंकी पर लाल      धागे में बंधा क्रिस्टल लटका दें।

4. घर के सदस्यों को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि वो अपने पैर दरवाजे की तरफ करके न सोएं। ऐसा करने से धन सम्बंधी परेशानी हमेशा बनी रहती है।

5. रसोई में अग्नि और पानी के बीच दूरी होनी चाहिए। क्योंकि अग्नि और जल तत्त्व दोनों परस्पर विरोधी होते हैं। इसलिए इनका पास में होना सफलता में बाधक बनता है।

6. घर के मंदिर में अन्य देवताओं के साथ वास्तु देव की भी एक मूर्ति या तस्वीर स्थापित कर नियमित पूजा करनी चाहिए। ऐसा करने से घर से जुड़े वास्तु दोष अपने आप खत्म होने लगते हैं।

7. घर में साफ सफाई करते समय पानी में थोड़ा से नमक मिला लेना चाहिए। ऐसा करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है। और ऐसे घर में धन धान्य की कमी नहीं रहती।

8. घर की साफ सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए। घर मे फैली धूल मिट्टी और गंदगी घर में नकारात्मकता का कारण बनती है। जिससे घर में रहने वाले लोगों की सोच भी नकारात्मक होने लगती है।

क्या वास्तु का ज्योतिष से संबंध जोड़ा जा सकता है? यदि हां तो कैसे?

वास्तु का ज्योतिष से संबंध जुड़ने का कारण:

वास्तुशास्त्र और ज्योतिष शास्त्र में संबंध बहुत गहरा और अटूट है। दोनों एक-दूसरे के पूरक शास्त्र हैं। ज्योतिष, एक वेदांग हैं तो वास्तु उपवेद है। अर्थात् वास्तु, वैदिक ज्योतिष का ही एक मुख्य भाग है। जिस प्रकार, किसी मनुष्य की जन्मकुंडली के आधार पर उसके बारे में सब कुछ बताया जा सकता है, ठीक उसी प्रकार उसके मकान की संरचना व आंतरिक व्यवस्था को देखकर उसमें रहने वाले संपूर्ण परिवार के विषय में आंकलन कर सकते हैं।

असल में वास्तु शास्त्र, प्रकृति के साथ-सामंजस्य बैठाकर उसमें व्याप्त ऊर्जा से लाभ उठाने की एक कला है। ज्योतिष शास्त्र, जन्मकुंडली पर आधारित विज्ञान है। कुंडली में लग्न अर्थात् प्रथम भाव को पूर्व दिशा माना गया है, जिसका स्वामी सूर्य ग्रह होता है। सप्तम भाव, पश्चिम दिशा को बताता है, जिसका स्वामी ग्रह शनि होता है। इसी प्रकार, कुंडली का चतुर्थ एवं दशम भाव क्रमशः उत्तर एव दक्षिण दिशा को दर्शाता है, जिनके स्वामी ग्रह क्रमश बुध एवं मंगल होते हैं।

इन दिशाओं के स्वामी ग्रहों के अलावा चारों दिशाओं- पूर्व, पश्चिम, उत्तर व दक्षिण के देव क्रमशः इंद्र, वरुण, कुबेर व यम (काल) होते हैं। इन चारों दिशाओं के अलावा भी उपदिशा या विदिशा या कोण ईशान (उत्तर-पूर्व), वायव्य (उत्तर-पश्चिम), र्नैत्य (दक्षिण-पश्चिम) एवं आग्नेय (दक्षिण-पूर्व) होते हैं, जो जन्मकुंडली के क्रमशः 2 व 3, 5 व 6, 8 व 9 तथा 11 व 12 भाव से जुड़े होते हैं, इनके स्वामी ग्रह व देव क्रमशः गुरु व शिव, चंद्र व पवन (वायु) देव, राहु-केतु व र्नैत्य तथा शुक्र व अग्निदेव होते हैं। वायव्य (उत्तर-पश्चिम) व आग्नेय (दक्षिण-पूर्व), जो तिर्यक संबंध पर होते हैं, इन्हें क्रमशः वायु कोण व अग्नि कोण भी कहते हैं। वास्तु मनुष्य को सकारात्मक सोच देता है।

वास्तु और ज्योतिष ग्रहों की शक्ति और उनके प्रभाव से संचालित होते हैं, नवग्रह, राशियां और नक्षत्रों पर ज्योतिष आधारित है और इन सभी राशियों में पंचतत्व में से किसी न किसी तत्व की प्रधानता रहती है। ये राशियां भी दिशाओं से संबंधित हैं। तो इस तरह से परोक्ष तो कभी अपरोक्ष रूप से ज्योतिष और वास्तु परस्पर संबंध रखते हैं।

आपके जरा से ध्यान रखने से यदि आपको सफलता मिलती है, आपका भाग्य उदय होता है, किस्मत बदल जाती है, तो ऐसे vastu tips को अपनाने में कोई हर्ज नहीं है। तो आजमाएं ये VASTU TIPS और अनुभव हमसे शेयर करें।

 

About the author

Nisha Shekhawat Adhikari

B.sc.(math)
MBA( HR & marketing)
She has participated in various functions as a speaker.
Content or blog writer by passion. She had written few blogs in DNA newspaper Jaipur and Some articles for college magazines.

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