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वास्तु विज्ञान के नियम आपके घर के हिसाब से!

वास्तु विज्ञान के नियम आपके घर के हिसाब से!
कुछ चीज़ें ऐसी होती हैं जो हमारे आसपास होते हुए भी हमें दिखाई नहीं देती। वह हमारे चारों ओर एक घेरा बनाए हुए होती हैं, लेकिन फिर भी हम उसे पहचान नहीं पाते। यह एक प्रकार की किरणों के रूप में हमें नुकसान पहुंचाती हैं। कुछ ऐसी ही भावना से भरपूर होती है ‘नकारात्मक ऊर्जा’, जिसे ‘निगेटिव एनर्जी’ भी कहा जाता है।
इस नकारात्मक ऊर्जा का हमारी दिनचर्या पर खासा असर होता है। हम मानें या ना मानें, लेकिन यह नकारात्मक शक्तियां हमारे जीवन पर बुरा प्रभाव डालने में खासतौर पर हिस्सेदार होती हैं। ऐसी ही नकारात्मक ऊर्जा जो हमारी ज़िंदगी में उथल-पुथल मचाने के लिए काफी होती हैं, उसमें से एक है अनचाही चीज़ों का हमारे घर में होना।
 भारतीय शास्त्रों में से एक अहम विषय है वास्तु शास्त्र का, जो हमें सकारात्मक एवं नकारात्मक ऊर्जा का सही मतलब समझाता है। जिस प्रकार से एक बीमार व्यक्ति के लिए दवा उसे ठीक करने का काम करती है, इसी प्रकार से वास्तु शास्त्र मनुष्य की ज़िंदगी से नकारात्मक ऊर्जा को बाहर कर सकारात्मक शक्ति लाता है।
वास्तु शास्त्र के मुद्दे पर वास्तु विशेषज्ञ की आवश्यकता होती है। वास्तु शास्त्र विशेषज्ञ होते हैं जो हमें बताते हैं कि हमारी ज़िंदगी में कौन सा बदलाव करने पर सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है।
उदाहरण के रूप में यदि एक घर की बात करें तो वास्तु शास्त्र सही दिशाओं में घर बनाने की सलाह देता है। कौन सा कमरा किस दिशा में बने, उसका दरवाज़ा किस दिशा में खुले या बंद हो, रसोईघर का सर्वश्रेष्ठ स्थान और साथ ही स्नानघर किस कोने में हो यह भी बेहद जरूरी होता है।
इसके अलावा घर की दीवारों पर कौन से रंग का पेन्ट हो, कौन सी तस्वीर लगी हो और भगवान के मंदिर का स्थान किस दिशा में हो यह भी वास्तु शास्त्र के अनुसार ध्यान देने लायक बातें हैं।
आज हम वास्तु शास्त्र के उस मुद्दे पर  चर्चा करने जा रहे हैं, वह है ‘घर में किन चीज़ों को नहीं रखना चाहिए’।
वास्तु शास्त्र के अनुसार कुछ वस्तुएं ऐसी होती हैं जो घर में नकारात्मक ऊर्जा लाने का काम करती हैं। वह धीरे-धीरे घर के वातावरण को बिगाड़ती हैं और हमारे जीवन पर गहरा प्रभाव डालती हैं।

इन चीज़ों को हमें घर में कभी भी नहीं लाना चाहिए। और यदि ले भी आए हैं तो इन्हें जल्द से जल्द घर से बाहर कर देना चाहिए।

 

Vastu sastra

1. वास्तु शास्त्र के मुताबिक वो पहली वस्तु जो घर में नकारात्मक ऊर्जा लाती है वो है डूबते हुए जहाज़ की तस्वीर। कुछ लोगों को घर में पेंटिंग रखने का काफी शौक होता है, जिस चक्कर में वह किसी भी प्रकार का चित्र खरीद लाते हैं। डूबते हुए जहाज़ का चित्र भी काफी आकर्षक माना जाता है लेकिन ध्यान रहे कि यह अपने साथ-साथ आपको भी ले डूबेगा।
2. दुनिया के सात अजूबों में से एक ताजमहल अपनी खूबसूरती से हर किसी को अपनी ओर आकर्षित करता है। लोगों को इस खूबसूरत इमारत की तस्वीर या फिर मूर्ति घर में रखना बेहद पसंद है, लेकिन वास्तु शास्त्र के अनुसार यह गलत है। ताजमहल जहां एक ओर शाहजहां और मुमताज के प्यार की निशानी है, वहीं दूसरी ओर इसी इमारत में उनकी कब्र भी मौजूद है।किसी की कब्र को घर में रखना अशुभ संकेत है। ताजमहल केवल प्यार की नहीं मौत की भी निशानी है। यदि इसे किसी भी रूप में घर में रखा जाए तो यह पति-पत्नी के जीवन पर नकारात्मक प्रभाव डालता है। इससे पति-पत्नी में झगड़े बढ़ते हैं और सम्बंध टूटने जैसी नौबत भी आ जाती है।
3. क्लासिकल डांस में रुचि रखने वाले या ऐसा नृत्य करने वालों के घर में भगवान शिव की नटराज अवस्था वाली मूर्ति होना एक आम बात है। भारतीय इतिहास के अनुसार नृत्य को पहला रूप देने वाले भगवान शिव ही थे, लेकिन इस मूर्ति को घर रखने को मना करता है वास्तु शास्त्र।
वास्तु शास्त्र का मानना है कि जहां एक तरफ नटराज की मूर्ति अद्वितीय कला का रूप है, वहीं दूसरी तरफ यह शिव के तांडव को भी दर्शाती है। शिव का तांडव विनाश का प्रतीक है, जो कि घर में नकारात्मक ऊर्जा लाने का काम करता है।
4. वास्तु विज्ञान का मानना है कि कभी भी जंगली जानवर खास तौर पर हिंसक पशुओं की तस्वीरों को घर में नहीं लगाना चाहिए क्योंकि इनसे नकारात्मक उर्जा का संचार होता है।
5. बहुत से लोग ऐसे होते हैं जिन्हें डरावनी-सी दिखने वाली चीज़ें अपनी ओर आकर्षित करती हैं वह उसमें भी एक विभिन्न प्रकार की कला को खोजते हैं। फलस्वरूप ऐसे लोग घर में भूत-प्रेत और राक्षसों की तस्वीरें लगाते हैं। जबकि इस तरह की तस्वीरों से भले ही आपको लगे कि आपने अपने घर को कुछ नयापन दिया हो लेकिन वास्तव में यह नुकसानदायक होता है।
6. पानी एक ऐसा पदार्थ है जो कभी कहीं रुकता नहीं है। उसे जहां भी थोड़ी सी दिशा मिले वह उस ओर निकल पड़ता है। तो यदि पानी के प्रवाह को दर्शाने वाली तस्वीर आप घर में लगाएंगे तो यह आपके घर की बरकत के साथ सुख-शांति को भी घर से बाहर ले जाएगा।
7. बहुत से लोग घर में महाभारत की तस्वीर लगाते हैं। महाभारत हिन्दू धर्म के महान ग्रंथों में से एक है। इसीलिए उसे सम्मान देते हुए कुछ लोगों को महाभारत सम्बंधित किसी भी प्रकार की तस्वीर या मूर्ति घर में रखने का शौक होता हो, लेकिन वास्तु विज्ञान के अनुसार महाभारत की तस्वीर घर की सुख-शांति को भंग करती है।
8. कोई भी ऐसी वस्तु जो युद्ध का संकेत देती हो, जैसे कि तलवार, बंदूक, तोप और सैनिक की तस्वीरें घर में नहीं लगानी चाहिए। इससे क्रोध एवं आपस में द्वेष बढ़ता है।
9. वास्तु विज्ञान के अनुसार घर में कभी भी कैक्टस का पौधा नहीं रखना चाहिए। इस पौधे में मौजूद कांटे घर में नकारात्मक ऊर्जा को उत्पन्न करते हैं। इसके अलावा कोई भी अन्य ऐसा पौधा जिसमें कांटे हो, जैसे कि गुलाब के कांटे, इन्हें उखाड़ देना चाहिए। इसके स्थान में खुशबूदार पौधे लगाएं जो अपनी महक दें।
10. अकसर ऐसा होता है कि घर में इस्तेमाल हो रहे किसी शीशे में हल्की सी दरार आ जाती है। लेकिन हम इसे नरअंदाज कर देते हैं कि कम से कम अभी यह काम में तो आ रहा है। लेकिन हमें जल्द ही उसे नए शीशे से बदल देना चाहिए। वास्तु शास्त्र के अनुसार टूटा हुआ शीशा अथवा कांच अशुभ माना जाता है। यह रिश्तों को भी तोड़ने का काम करता है।
11. वास्तु शास्त्र का मानना है कि घर के विशेष द्वार के सामने वृक्ष या खंभा नहीं होना चाहिए। यह आपकी संतान के विकास एवं सुखमय भविष्य में बाधा बनता है।
12. मुख्य द्वार के सामने गड्डा या कुआं होने पर मानसिक रोग और परेशानी होती है। हमेशा घर के विशेष द्वार को साफ रखने की कोशिश करें। द्वार के सामने कीचड़ या गंदे पानी का जमाव नुकसान देता है।

इसके अलावा आपके घर में कौनसी वस्तु कहाँ हो यह भी महत्वपूर्ण है।

वास्तु विज्ञान के नियम आपके घर के हिसाब से

जैसे:-

1.मकान आगे से संकरा और अन्दर से फैला हुआ हो।
2. प्रवेश द्वार के सामने बाथरूम या संडास न हो।
3. घर के खिड़की दरवाजे स्काई ब्लू, आइवरी, पिस्ता या सफेद रंग के हो, लाल रंग के कदापि नहीं हो।
4. घर के दरवाजे के सामने खम्भा न हो और दरवाजे अन्दर की और खुलते हो।
5. बैठक में झाड़ू व कचरा पेटी न रखे।
6.पूजा घर में सदैव उजाला हो। पूजा घर सीढियों के नीचे न हो।
7. शयन कक्ष में पूजा का स्थान न हो।
8. रसोईघर में चप्पल आदि पहनकर न जाए।
9. रसोईघर में लाल, नीले गहरे रंग का प्रयोग न करें।
10. तिजोरी कक्ष में संगमरमर का उपयोग ठीक नहीं।
11. टेबल पर काँच न रखें। इससे स्मृति नाश होती है। उठते ही दर्पण में चेहरा न देखें।
12. डायनिंग टेबल गोल, अंडाकार, चौकोर न हो।
13. व्यापार स्थल पर कुर्सियाँ 2 के गुणन फल में रखे। स्वयं की कुर्सी उसमें नहीं गिनें।
14. पानी का मटका काले रंग का न हो। पानी के पास झूठे बर्तन न रखे।
15. दीवार के एक कोने में न बैठे।
16. सोते समय मोबाइल, टेलीफोन आदि दूसरे कक्ष में ही रखे। सोते समय सिर दक्षिण दिशा में रहे।
17. घर में अलमारी को उत्तर दिशा में रखें। इससे घर में समृद्धि रहेगी।
18. घर में रसोई घर दक्षिण पूर्व दिशा में हो। भोजन बनाते समय पूर्व दिशा की तरफ मुहँ करके खड़ा रहना चाहिए।इससे बीमारियाँ नहीं आती।
19. घर के स्वामी का कमरा दक्षिण पश्चिम में हो। इससे घर में अनुशासन रहेगा। सुख समृद्धि रहेगी।
20. विद्यार्थी उत्तर पूर्व में मुहँ करके अध्ययन करें।ऐसा करने से उनकी बौद्धिक क्षमता का विकास होगा।
21.बच्चों की पढने की पुस्तकों को घर के दक्षिण पश्चिम में रखें।
22. तुलसी का पौधा बच्चो के कमरे में रखने से उनकी बुद्धि का विकास होता है।
23. पुस्तकों को पढ़ते समय उल्टा रखने से स्मृति का ह्रास होता है।
ये वास्तु के वो नियम हैं जो हम सभी के घर के लिए लागू होते हैं। हम माने या न माने लेकिन इनका प्रभाव हमारे जीवन पर अवश्य ही पड़ता है। कुछ बातों को मानने से यदि हम सुखी, स्वस्थ और समृद्ध रह सकते हैं तो क्या गलत है इसमें? वास्तु एक विज्ञान है, एक शास्त्र है जो हमारे साथ हमेशा रहता है, सही न हो तो नकारात्मक ऊर्जा के रूप में और यदि वास्तु सही हो तो सकारात्मक ऊर्जा के रूप में।

About the author

Nisha Shekhawat Adhikari

B.sc.(math)
MBA( HR & marketing)
She has participated in various functions as a speaker.
Content or blog writer by passion. She had written few blogs in DNA newspaper Jaipur and Some articles for college magazines.

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