Yoga

योग से मोटापा घटाएं (yoga for weight loss in Hindi)

योग से मोटापा घटायें




आज की चर्चा का विषय है योग से मोटापा कैसे घटाएं?

कौनसे योगासन वजन को कम करने में सहायक हैं?

योग के साथ साथ कैसा आहार अपनाएं जिससे वजन बढ़ने से लगेगी रोक?

कौनसे योगासन शरीर के कौनसे भाग का अतिरिक्त मोटापा कम करने में मदद करते हैं?

वजन का बढ़ना और मोटापा आज अधिकतर लोगों के लिए सबसे महत्त्वपूर्ण स्वास्थ्य मुद्दों में से एक है. शरीर का वजन एक बार बढ़ जाने पर उसे कम करने के लिए शरीर को कड़ी मेहनत करना पड़ती है. बिना किसी प्रयास के वजन को घटाना नामुनकिन है.

वजन को कम करना बेहद मुश्किल है. सफलता पाने के लिए हमें इस पर लगातार मेहनत करनी पड़ेगी. वजन को कम करने के लिए योग आपकी मदद कर सकता है.

योग से आप मोटापा घटा सकते हैं:

योग

योग को लेकर खास बात यह है कि इसके लिए आपको जिम जाकर पैसा बहाने की जरुरत नहीं है.आप घर बैठे ही इसे कर सकते हैं.

Weight loss के लिए योग को सबसे कारगर और सरल तरीका माना जाता है. योग को लेकर सबसे अच्छी बात यह है कि इसे किसी भी उम्र के लोग कर सकते हैं. योग किसी भी उम्र वर्ग के लिए खासा लाभदायक है. गर्भवती महिलाओं को भी कुछ विशेष सावधानियों के साथ योग करने की सलाह दी जाती है.

तनाव के चलते कई तरह की बीमारियां जन्‍म लेती हैं, लेकिन योग के आसनों के जरिये इससे निजात पाया जा सकता है. वजन घटाने और फिट रहने के लिए योग काफी कारगर है और इससे तनाव का स्‍तर घटने के साथ व्यक्ति का आत्मविश्वास भी बढ़ता है. नीचे योग के कुछ आसनों के बारे में जिक्र किया गया है, जिसको निरंतर करने से वजन घटाने में काफी मदद मिलती है.

1. चक्रासन :

योग के तहत यह एक अहम आसन है, जिसके जरिये आप अपने पेट को दुरुस्‍त और संबंधित मसल्‍स को पूरी तरह ठीक रख सकते हैं.

इस आसन में पहले आप पीठ के सहारे लेट जाएं, फिर घुटनों को मोड़ें और अपने पैरों के तलवे को कुछ दूरी बनाकर जमीन पर टिकाकर रखें. फिर अपने हाथों को शरीर की दिशा में ले जाएं. ध्‍यान रहे कि हथेलियां नीचे की ओर रहे. आप अपने हाथों को मिलाकर साथ रखें और फिर अपने शरीर को ऊपर की ओर उठाएं. इस अवस्‍था में तीस सेकेंड से लेकर 1 मिनट तक रहें. फिर शरीर को धीरे धीरे सतह पर ले आएं. इस अभ्‍यास को पांच बार करें.

चक्रासन के लाभ

2. भुजंगआसन :

इस आसन में शरीर की आकृति फन उठाए हुए नाग के समान हो जाती है इसीलिए इसको नाग आसन, भुजंगासन या सर्पासन कहा जाता है. इस आसन से पेट की चर्बी घटती है तथा रीढ़ की हड्डी सशक्त बनती है. दमे की, पुरानी खांसी अथवा फेफड़ों संबंधी अन्य कोई बीमारी हो, तो उनको यह आसन करना चाहिए. इससे बाजुओं में शक्ति मिलती है. मस्तिष्क से निकलने वाले ज्ञानतंतु बलवान बनते हैं. पीठ की हड्डियों में रहने वाली तमाम खराबियां दूर होती हैं, कब्ज दूर होता है.

ध्यान रहे कि इस आसन को करते समय अकस्मात् पीछे की तरफ बहुत अधिक न झुकें.

भुजंगासन के लाभ:- इस आसन से पेट की चर्बी घटती है और रीढ़ की हड्डी सशक्त बनती है। दमा हो या पुरानी खांसी भुजंगासन से दूर होते हैं।




3. धनुरासन :

इस आसन को करने से शरीर की आकृति खींचे हुए धनुष के समान हो जाती है, इसीलिए इसको धनुरासन कहते हैं. यह आसन मेरुदंड को लचीला एवं स्वस्थ बनाता है. पेट की चर्बी कम होती है. हृदय मजबूत बनाता है. गले के तमाम रोग नष्ट होते हैं. कब्ज दूर होकर जठराग्नि प्रदीप्त होती है. श्वास की क्रिया व्यवस्थित चलती है.

सर्वप्रथम मकरासन में लेट जाएं. मकरासन अर्थात पेट के बल लेट जाएं. ठोड़ी को भूमि पर टिका दें. हाथ कमर से सटे हुए और पैरों के पंजे एक-दूसरे से मिले हुए. तलवें और हथेलियां आकाश की ओर रखें. घुटनों को मोड़कर दाहिने हाथे के पंजे से दाहिने पैर और बाएं हाथ के पंजे से बाएं पैर की कलाई को पकड़ें. सांस लेते हुए पैरों को खींचते हुए ठोड़ी-घुटनों को भूमि पर से उठाएं तथा सिर और तलवों को समीप लाने का प्रयत्न करें. जब तक आप सरलता से सांस ले सकते हैं इसी मुद्रा में रहें. फिर सांस छोड़ते हुए पहले ठोड़ी और घुटनों को भूमि पर टिकाएं. फिर पैरों को लंबा करते हुए पुन: मकरासन की स्थिति में लौट आएं.

धनुरासन के लाभ

4. पश्चिमोत्तनासन :

पीठ में खिंचाव उत्पन्न होता है, इसीलिए इसे पश्चिमोत्तनासन कहते हैं. इस आसन से शरीर की सभी मांसपेशियों पर खिंचाव पड़ता है. पशिच्मोत्तासन के द्वारा मेरूदंड लचीला व मजबूत बनता है जिससे बुढ़ापे में भी व्यक्ति तनकर चलता है और उसकी रीढ़ की हड्डी झुकती नहीं है.  इसके अभ्यास से शरीर की चर्बी कम होकर मोटापा दूर होता है तथा मधुमेह का रोग भी ठीक होता है.

अपने पैर को सामने की ओर सीधी करके बैठ जाएं. दोनों पैर आपस में सटे होने चाहिए. पीठ को इस दौरान बिल्‍कुल सीधा रखें और फिर अपने हाथों से दोनों पैरों के अंगूठे को छुएं. ध्‍यान रखें कि आपका घुटना न मुड़े और अपने ललाट को नीचे घुटने की ओर झुकाए. 5 सेकेंड तक रुकें और फिर वापस अपनी पोजीशन में लौट आएं. यह पोजीशन किडनी की समस्‍या के साथ क्रैम्‍स आदि जैसी समस्‍या से भी निजात दिलाता है.

पश्चिमोत्तनासन के लाभ:- शरीर की अतिरिक्त वसा कम होकर मोटापा दूर होता है और मधुमेह में भी आराम मिलता है।

5. कपालभाति प्राणायाम (श्वांस आसन) :

यह सबसे व्यापक रूप से अभ्यास किया जाने वाला आसन है. यह श्वास सम्बन्धी आसन है. इस आसान को करने से सांस सम्‍बंधी विकार खत्म हो जाते हैंऔर पाचन क्रिया भी सुचारू हो जाती है. मोटापा घटाने(weight loss) के लिए यह सबसे अच्‍छा आसन माना जाता है.

कपालभाति प्राणायाम के लाभ

6.चक्की चलनासन :

योग का यह आसन पेट की चर्बी को दूर करने में काफी कारगर है. इससे मोटापा घटाने(weight loss) में भी फायदा मिलता है. पहले आप जमीन पर आराम से बैठ जाएं. इस दौरान अपने पैरों को सामने की ओर से फैलाएं. दोनों पैर आपस में सटे रहें, इस बात का ध्‍यान रखें. अब अपने दोनों हाथों को आपस में मिलाकर पकड़ लें और फिर बिना घुटनों को मोड़े सर्कुलर (चक्र के तौर पर) दिशा में घुमाएं. दस बार इस आसन को घड़ी की दिशा में घुमाएं और फिर कुछ देर रुकने के बाद घड़ी की विपरीत दिशा में घुमाएं. फिर धीरे-धीरे छोड़ दें.

चक्की चलनासन के लाभ :- सियाटिका रोकने में लाभप्रद। पीठ,उदर व् बाजुओं की मांसपेशियों का व्यायाम हो जाता है।

7. साइकिलिंग :

यौगिक साइकिलिंग वजन घटाने के लिए सबसे अच्छे व्यायामों में से एक है. इसे करने के लिए फर्श पर अपनी पीठ के बल लेट जाएं और अब अपने पैरों को ऊपर करके साइकिल के समान घुमाएं,और अपने सिर को भी साथ साथ उठाकर रखें. पहले कुछ देर के लिए सीधी साइकिल चलाते रहें.

उसके बाद उलटी साइकिल चलाना शुरू कर दें. अभ्यास के दौरान सांस की गति सामान्य रखें.जब थकान लगे,तब धीरे से हांथों, पैरों को रोके और जमीं पर शवासन (शरीर को शव के समान बना लेने के कारण ही इस आसन को शवासन कहा जाता है,यह एक शिथिल करने वाला आसन है और शरीर, मन और आत्मा को नवस्फूर्ति प्रदान करता है.) की अवस्था में आराम करें. साइकिलिंग पीठ को मजबूत बनाने और वजन कम करने में सहायक है.

साइकिलिंग के लाभ

8. डायमंड आसन या वज्रासन :

वज्रासन भी सबसे बेहतर योग है मोटापा घटाने(Weight Loss) के लिए. यह आसन करने से शरीर में रक्‍त का संचार सुचारू रूप से होने लगता है. इससे शरीर के ऊपरी हिस्‍से में अच्छी तरह से ऊर्जा संचरित होती है. जो लोग नियमित रूप से इस आसन का अभ्यास करते हैं उनकी पाचन क्रिया दुरूस्‍त हो जाती है.

जिन लोगों को बाल झड़ने की समस्या है उन्हें तो इस आसन को जरूर करना चाहिए.यही एक आसन है जिसे खाना खाने के बाद भी किया जाता है.वज्रासन में बैठ कर शरीर आड़ा-टेड़ा ना करें, शरीर को सीधा रखें.अच्छी तरह से वज्रासन जमा लेने के बाद कमर को और कंधों को बैंड नहीं होने देना है, पर सीधे बैठे हुए ही रिलेक्स फील करना है.

विधि:-

अब अपने शरीर में गहरी सांस लें. ध्यान रहे की वज्रासन करते वक्त नाक से ही सांस लेनी है. मुँह से सांस अंदर ना जाए, इसलिए बातें करते करते इस आसन को ना करें.अब अपनी आँखें बंद कर के वज्रासन का आनंद लें, और सामान्य गति से सांस लेते रहें और समयान्तर पर सांस बाहर छोड़ते हैं.

शुरुआत में वज्रासन को करने पर पैरों के स्नायुओं में थोड़ा थोड़ा खिंचाव महसूस हो सकता है, पर कुछ दिनों के अभ्यास के बाद एक दम सहजता से यह आसन किया जा सकता है.तीन से पांच मिनट वज्रासन अभ्यास कर लेने के बाद जिस क्रम में आपने अपने घुटने मौड़े थें उसी क्रम में उन्हें सीधा कर लीजिये और सामान्य मुद्रा में बैठ जाएं.

वज्रासन सुबह में खाली पेट भी किया जा सकता है और भोजन के बाद भी किया जा सकता है. शुरुआत में वज्रासन तीन से पाँच मिनट तक करना चाहिए. अभ्यास बढ़ जाने पर इसे दस मिनट तक भी किया जा सकता है. पैर दुखने लगें या कमर दर्द होने लगे उतनी देर तक वज्रासन में नहीं बैठना है.

वज्रासन के लाभ :-  रक्त के संचार को दुरुस्त करता है। पाचन क्रिया को भी सुचारू रूप से क्रियान्वित करता है यह आसन।




9. अर्धचंद्रासन :

अर्ध का अर्थ आधा और चंद्रासन अर्थात चंद्र के समान किया गया आसन. इस आसन को करते वक्त शरीर की स्थिति अर्ध चंद्र के समान हो जाती है, इसीलिए इसे अर्ध चंद्रासन कहते हैं.

जिन महिलाओं का शरीर आकर्षक नहीं होता है, उनके लिए यह अर्द्धचंद्रासन बेहद लाभप्रद है. इस योग क्रिया को सदैव अच्‍छा दिखने के लिए किया जाता है. आप शायद नहीं जानते होंगे लेकिन इस आसान को करने से शरीर का ऊपरी और निचला हिस्‍सा सुडौल होता है. इसका अभ्यास करने से बैक फैट कम होता है और शरीर में छरहरापन आता है.

ध्यान रहे यदि आपकी रीढ़ की हड्डी में दर्द होता है और पाचन क्रिया में किसी तरह की दिक्‍कत है तो इस आसन को न करें.

 अर्धचंद्रासन के लाभ

आहार को भी रखें संतुलित और स्वास्थ्यवर्धक :

ये योगासन तो हैं ही जिनसे हम वजन को कम कर सकते हैं लेकिन योग के साथ साथ हमें अपने आहार पर भी खासा ध्यान देने की आवश्यकता है. एक घंटे के योगासन के बाद अगर आपने पिज़्ज़ा बर्गर ही खाना है तो योग का कोई फायदा नहीं. ऐसा नहीं कि योग आपको सेहतमंद नहीं बनाता लेकिन अगर आप अपने खान पान को नहीं बदलते हैं तो आपको असर नजर नहीं आएगा.

सेहतमंद और वजन को नियंत्रित रखने के लिए बेहद आवश्यक है कि आप आहार भी सेहत बढ़ाने वाला ही लें. वैसे तो ये बात सभी पर लागू होती है, चाहे कोई पतला हो या मोटा. क्योंकि सिर्फ पतला होना अच्छे स्वास्थ्य की निशानी नहीं होता. अपने आहार में रेशेदार यानी फाइबर की मात्रा को स्थान दें. कच्ची सब्जियां, फल सलाद में अवश्य लें. पानी भरपूर पिएं. तला भुना, जंक फूड, फ़ास्ट फ़ूड, कोल्ड ड्रिंक्स और मादक प्रदार्थों का इस्तेमाल बिल्कुल न करें. स्वस्थ खाएं और स्वस्थ रहें.

योग से मोटापा घटाना सबसे कारगर और सरल तरीका माना गया है. योगासनों के जरिये आप एक सुडौल और सुंदर शरीर प्राप्त कर सकते हैं.

About the author

Nisha Shekhawat Adhikari

B.sc.(math)
MBA( HR & marketing)
She has participated in various functions as a speaker.
Content or blog writer by passion. She had written few blogs in DNA newspaper Jaipur and Some articles for college magazines.

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