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मेष, वृषभ, मिथुन और कर्क राशि की प्रकृति!

राशि की प्रकृति

1. मेष राशि की प्रकृति:-

 

मेष राशि की प्रकृति

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मेष राशि राशि चक्र की सबसे पहली राशि है। मेष राशि के जातक मजबूत और शक्तिशाली विशेषताओं के अधिकारी हैं। इनके अन्दर अपने लक्ष्य को पाने का प्रयोजन है और इस राशि के जातक दृढ़ भाव के साथ आगे बढ़ते हैं। इनके पास ऊर्जा का असीमित भंडार है जो इनको आसानी से थकने नहीं देता है। साहस इनकी सबसे बड़ी खूबी है,और नेतृत्व करने में मजा आता है, जबकि आस पास के लोग इन जातकों के दिखाये गये मार्ग पर चलना पसंद करते हैं। आपका व्यवहार स्पष्ट और सीधा होता है, और आप समस्या का सीधे-सीधे सामना करने पर विश्वास करते हैं। ये तुरंत कार्रवाई के लिए तैयार रहते हैं पर कभी-कभी आवेगी होने की वजह से गुमराह भी किए जा सकते हैं।
इनका स्वामी ग्रह मंगल होता है जो इन्हें हर पल हर कार्य में सक्रिय बनाये रखता है। खाली बैठना इन्हें पसंद नहीं है और हर समस्या को स्वयं दूर करने में जुट जाते हैं बजाय उसके दूर होने का इंतज़ार करने के।  मतलब मेष राशि के लोग कर्म प्रधान हैं, भाग्य पर भरोसा करके नहीं रुक जाते।
मेष राशि का तत्व अग्नि बहुत ताकतवार है और इनमें अग्नि की पूरी गर्माहट होती है। इन जातकों की ऊर्जा में शायद ही कभी कमी आती हो। इनमें सबसे अच्छी बात यह है कि ये जहां भी जायेंगे अपनी ऊर्जा का प्रकाश सब जगह फ़ैलायेंगे और सबको इसका समान फ़ायदा पंहुचेगा।

विशेषता:-

इनकी सबसे बड़ी शक्ति इनका साहस है।  जिन्दगी की चुनौतियों का बिना किसी भय के मुकाबला करते हैं। स्वतंत्रता, उदारता, उत्साह, आशावाद और धैर्य इनके सकारात्मक गुण हैं।

मेष राशि की कमजोरियां :-

 इतने गुणों के बावजूद मेष राशि के जातकों में कुछ कमजोरियां भी देखने मिलती हैं।
ये हठी और जिद्दी होते हैं। अक्सर अन्य लोगों की सलाह नहीं मानते और जो सोचते हैं वही करना चाहते हैं। ये तुनकमिजाज हो जाते हैं खासकर जब इनको बाधाओं और आलोचनाओं का सामना करना पड़ता है।

2. वृषभ राशि की प्रकृति:-

वृषभ राशि की प्रकृति

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 यह राशिचक्र की दूसरी राशि है। वृषभ इस राशि का प्रतीक है। वृषभ सत्ता और ताकत का प्रतिनिधित्व करता है। राशि के प्रतीक  से भ्रमित न हों, आप नरम और परिष्कृत स्वभाव के भी हो सकते हैं। ये जातक विनम्र रहते हैं जब तक कि इन्हें छेड़ा ना जाये या उकसाया ना जाय। अपने संकल्प के लिए भी ये जाने जाते हैं,  इनको कोई भी अपने लक्ष्य से विचलित नहीं कर सकता है। अपने जीवन में सादगी और स्थिरता को ज्यादा महत्व देते हैं। जिससे इनके आसपास के दूसरे लोग इनको उबाऊ और निरुत्साह समझ सकते हैं। अपने आराम को बहुत महत्व देते हैं और ये भौतिकवादी हो सकते हैं लेकिन इनका यह गुण इनका एक व्यावहारिक दृष्टिकोण है। हालांकि इन्हें वास्तव में बहिर्मुखी नहीं कहा जा सकता, फ़िर भी ये एक अच्छे दोस्त साबित हो सकते हैं जो रक्षक और गाइड की भूमिका निभा सकता है।
इस राशि का स्वामी ग्रह शुक्र है जो आदर्शवादी और सांसारिक दोनों तरह के प्यार के लिए जाना जाता है। रोमांस और सुंदरता देखते ही आप बहक जाते है। यदि आप एक सुंदर पेंटिंग या किसी अन्य काम या कला देख कर उसकी सराहना करते हैं, तो यकीनन यह शुक्र का प्रभाव हो सकता है। वृषभ राशि वाले संवेदनशील और सरल होते हैं, और दुनिया की सुंदरता देखने के लिए आपके पास एक गहरी नजर होती है। जब रिश्तों की बात आती है तब आप लंबी अवधि के संबंधों में विश्वास करते हैं और एक स्थायी और खुशनुमा शादीशुदा जिन्दगी जीते हैं। आपको शांति और सद्भाव की चाह होती है और शायद ही आप कभी अपने रिश्ते से बाहर जाते हैं।
वृषभ राशि का तत्व पृथ्वी हैै और पृथ्वी के  लक्षणों की तरह आप व्यावहारिकता के लिए विख्यात हैं, अत: आप अपने दृष्टिकोण में बहुत व्यवहारिक होते हैं।

विशेषता :-

जीवन के प्रति एक व्यावहारिक दृष्टिकोण इनका प्रधान गुण है। इनकी कुछ अन्य शक्तियों में से कुछ हैं विश्वसनीयता, स्थिरता, वफादारी, धैर्य और उदारता।

 वृषभ राशि के जातकों की कमजोरियां:-

इनकी सबसे प्रमुख कमजोरी अधिकार जताना है, खासकर जब प्यार के मामलें शामिल हों। इनकी अन्य नकारात्मक विशेषताएं हैं ; ज़िद, आलस्य, बहुत भौतिकवादी और स्वार्थपन।

3. मिथुन राशि की प्रकृति:-

मिथुन राशि की प्रकृति

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इस राशि का चिह्न जुड़वां है जो इनकी प्रकृति में द्वंद्व को बताता है। इनके व्यवहार की यह विसंगति इनको दूसरों से अलग करती है। उदाहरण के लिए, एक दिन यदि आप एक बात के लिए पसंद बता रहे हैं तो हो सकता हैं अगली बार आप विपरीत बात कहें। ये एक ही समय में प्यार और नफरत महसूस कर सकते हैं। वास्तव में, कभी कभी इनकेे लिए इन दो भावनाओं में भेद करना मुश्किल हो जाता है। यह न केवल इनको भ्रम में डाल देता है अपितु इनके आस पास रहने वाले भी भ्रमित हो जाते हैं। यह इनकेे निर्णय को भी प्रभावित करता है और अंत में ये जातक अपने दुश्मन के शुभचिंतक की तरह सोचने लगते हैं। हालांकि, इनको अंतर्दृष्टि की शक्ति भेंट में मिली हुई है। हो सकता है ये जातक इससे अनजान हों। लेकिन जब इनको इसके बारे में पता चलता है,  तो ये इसका दुरुपयोग कर सकते हैं। इस राशि के जातक एक अच्छे वार्तालापकार, एक अच्छे वक्ता और बहुत मजाकिया हो सकते हैं जिससे इनके कुछ अच्छे दोस्त बन सकते हैं।
मिथुन राशि का स्वामी ग्रह बुध है।
बुध सूरज का निकटतम ग्रह है। यह जिस गति के साथ यात्रा करता है उसकी तुलना आपके विचारों से की जा सकती है। हालांकि, बुध का प्रभाव आपके दिमाग को बेचैन और चंचल बनाता है। यह आपको बातें करने और सुनने वाला तो बनाता हैै लेकिन कार्य करने को उत्प्रेरित नहीं करता।
मिथुन वायु तत्त्व की एक प्रमुख राशि है, जो निरंतर प्रवाह को दर्शाता है।  वायु लगातार दिशा बदलते रहती है, यह गुण आपकी अस्थिरता को समझाता है। दरअसल, इसका सकारात्मक उपयोग किया जा सकता है और वास्तव में, ये जातक कभी कभी यह करते हैं। इससे यह पता चलता है कि ये जातक किसी समस्या के बारे में अलग- अलग तरह से सोच सकते हैं। ये बहुत आसानी से ऊब सकते हैं, जो इनकेे ध्यान केंद्रित करने की क्षमता को प्रभावित करता है।

विशेषता :-

इस राशि के जातक बुद्धिमान और अनुकूलनीय होते हैं। हास्य और बुद्धि की आपकी भावना संक्रामक होती हैं अत: आप पार्टी या मनोरंजन के लिए बिल्कुल उपयुक्त इंसान हैं।

मिथुन राशि के जातकों की कमजोरी:-

इनकी सबसे बड़ी कमजोरी इनकी विसंगति है। यह बहुत मुश्किल पैदा करती है लोगों को आप को समझने के लिए। इसके अलावा, क्योंकि आपका मन और रुख बदलते रहते हैं, आप अपने रोमांटिक संबंधों में भी कठिनाई पैदा कर सकते हैं।

4. कर्क राशि की प्रकृति:-

कर्क राशि की प्रकृति

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कर्क राशि का प्रतीक केकड़ा है। ये बहुत भावुक हैं, हालांकि ये बाहर से बहुत कठोर नजर आते हैं कवच की तरह लेकिन अन्दर से बहुत नरम और संवेदनशील होते हैं। दूसरों के कठोर शब्द इनको आसानी से चोट कर सकते हैं। ये अक्सर अवसाद से ग्रस्त हो जाते हैं। ये जातक अपने परिवार के सदस्यों और करीबी दोस्तों के साथ शांति की तलाश में रहते हैं, लेकिन जल्द ही इनको यह एहसास हो जाता है कि ये सब केवल  अस्थायी खुशी प्रदान करते हैं।इनका मूड परिवर्तनशील होता है। और जल्द ही अपना आपा ऐसी बातों में खो देते हैं जो दूसरों को तुच्छ लग सकता है। ये अपने अतीत की बातों से इतने प्रभावित होते हैं कि जल्दी से जाने नहीं देते हैं, जो इनको भविष्य में अपने उद्देश्य की पूर्ति से रोकता है।यहाँ एक विरोधाभास हो सकता है, आप चालाक और नि: स्वार्थ एक ही समय में हो सकते हैं। इनको हास्य की एक गहरी समझ है, और जो बातें कहते हैं, वो इनके मित्रों को हँसी से लोट पोट कर देता है। ये एक परिवारिक व्यक्ति साबित होते हैं,और इनके के लिए इनका घर दुनिया में सबसे महत्वपूर्ण है।
कर्क राशि का स्वामी ग्रह चंद्रमा होता है।
चंद्रमा की कलाएं घटती और बढ़ती रहती हैं। यह लगातार दो रातों में एक जैसा कभी नहीं होता है। यह एक महीने में एक बार पृथ्वी के चारों ओर चक्कर लगाता है। महिलाओं का मासिक चक्र चंद्रमा की गति के साथ जुड़ा रहता है, चंद्रमा प्रमुख ग्रह है। गहराई से आपकी भावनाओं को प्रभावित करता है।चंद्रमा आपकी बुनियादी जरूरतों का भी प्रतीक है, और आप अन्य लोगों से किस तरीके बातचीत करते हैं उसे नियंत्रित करता है।
कर्क जल तत्व का एक प्रमुख सदस्य है। ज्योतिष में जल भावना का प्रतिनिधित्व करता है इसलिए इन जातकों की भावनाएं या तो पानी की तरंगो की तरह होती हैं या एक झील के रूप में शांत होती हैं। यह उथले या गहरे समुद्र के रूप में हो सकता है। पानी का प्रवाह भी इन जातकों के बदलते मूड के स्वभाव को बताता है। जल में उच्च और निम्न ज्वार, चंद्रमा की वजह से होते हैं और यह इनके स्वभाव पर भी असर डालता है। इनकी भावनाएं कभी कभी नदी की तरह सुचारू रूप से प्रवाह करती हैं और कभी कभी एक झील के रूप ठहरी हुई रहती हैं। लेकिन हमेशा गहरी होती हैं।

विशेषता:-

दूसरों का पोषण करने की क्षमता इनकी सबसे बड़ी ताकत है। विश्वसनीयता, अनुकूलनशीलता, सहानुभूति और जवाबदेही इनके अन्य मजबूत गुण हैं।

कर्क राशि के जातकों की कमजोरियां:-

मनमौजी, चिपकू और स्वार्थीपन आपकी कमजोरियों में से कुछ हैं।भविष्य में बीते दिनों के वापस आने का डर आपको सबसे ज्यादा कमजोर बना देता है।

About the author

Nisha Shekhawat Adhikari

B.sc.(math)
MBA( HR & marketing)
She has participated in various functions as a speaker.
Content or blog writer by passion. She had written few blogs in DNA newspaper Jaipur and Some articles for college magazines.

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