Health & Diet

भोजन में शामिल करें रेशेदार आहार!

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हमारे खान-पान का सीधा असर हमारी सेहत पर पड़ता है। दरअसल हमको क्या खाना चाहिए और कितना खाना चाहिए इसके बारे में हमें ज्यादा पता ही नहीं है या ये कहें कि कई बार पता होकर भी हम स्वाद को  ज्यादा महत्व देते हैं और उन चीजों को खाना पसंद करते हैं जो स्वादिष्ट हों। इसकी जगह यदि हम फाइबर यानी रेशेदार फल, सब्जी को महत्व दें तो बहुत लाभ हो सकता है।
प्रोटीन, वसा, विटामिन युक्त खाद्य पदार्थों के बीच रेशेदार भोजन की अपनी अलग महत्ता है। स्पंज की तरह काम करते हुए फाइबर प्राकृतिक तरीके से शरीर की सफाई करने में मदद करता है। फाइबर को सॉल्युबल (घुलनशील) और इन्सॉल्युबल (अघुलनशील) दो भागों में बांटा जाता है।इनसॉल्युबल फाइबर साबुत अनाज व उससे बने पदार्थों,बीज, ताजे फल व सब्जियों में अधिक होता है। इससे खाद्य पदार्थ पचाने में आसानी होती है, जिससे आंतों पर कम दबाव पड़ता है और कब्ज नहीं होती।
सॉल्युबल फाइबर पानी में घुलनशील होते हैं और ये फाइबर कोलेस्ट्रॉल को कम रखने में विशेष उपयोगी होते हैं। जई की भूसी और सूखे बींस में इसकी अधिकता होती है। इससे पेट से भोजन धीरे-धीरे आगे जाता है और खून में शुगर का स्तर स्थिर रखने में मदद मिलती है।
फाइबर के नियमित प्रयोग करने से पाचन क्रिया मजबूत बनी रहती है। अपशिष्ट पदार्थ देर तक आंतों में जमा रहकर टॉक्सिन नहीं फैलाते। जिससे संक्रमण का खतरा कम होता है। कोलेस्ट्रॉल लेवल कम होता है व हृदय रोगों में लाभ मिलता है। मलाशय के कैंसर का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है। अगर आपका वजन ज्यादा है तो फाइबर युक्त भोजन वजन कम करने में भी मदद करता है।
इसलिए ब्रेकफास्ट में फाइबर की मात्रा बढ़ाएं। होलग्रेन ब्रेड टोस्ट, ताजे फल व फाइबरयुक्त पदार्थ जैसे दलिया व भूसी मिलाएं। फलों के ऊपरी हिस्से, बीज और गूदे में फाइबर सबसे अधिक होता है। चोकर सहित रोटी बनाएं। सलाद, कॉर्नफ्लेक्स, पोहा, चपाती, उपमा, ज्वार और जौ का सेवन करें। खाने में बादाम और अंकुरित भोजन की मात्रा बढ़ाएं। डाइट में फाइबर के साथ पानी की मात्रा भी बढ़ाएं।
भोजन में शामिल करें रेशेदार आहार
कुछ सब्जियों और फलों के छिलके में अधिक फाइबर होता है, जैसे सेब। जरूरी है कि आप छिलके सहित फल खाएं और फलों को अच्छी तरह धो लें। बीजों में भी फाइबर होता है, जैसे के टमाटर से बीज निकाल देने से उनमें फाइबर की मात्रा कम हो जाती है।
बींस में सबसे अधिक फाइबर पाया जाता है। एक कप राजमा व लोबिया में 15 ग्राम से अधिक फाइबर मिलता है। इसी तरह दाल विशेषकर मसूर की दाल में फाइबर प्रचुर मात्रा में होता है। सब्जियों में मटर में सबसे अधिक फाइबर होता है।
हरी पत्तेदार सब्जियों में लोह तत्व, बीटा केरोटीन और फाइबर अच्छी मात्रा में  पाए जाते हैं। एक कप उबली हुई हरी सब्जियां जैसे पालक, पत्तेदार शलजम और चुकंदर में 4 से 5 ग्राम फाइबर मिलता है। इसी तरह नाशपाती और सेब से भी फाइबर मिलता है। एक बड़े सेब से जहां 3.3 ग्राम फाइबर मिलता है, वहीं मध्यम आकार की नाशपाती से 5.1 ग्राम फाइबर मिल जाता है।
बादाम, पिस्ता और अखरोट में केवल प्रोटीन ही नहीं होता, उसमें फाइबर भी प्रचुर पाया जाता है। किशमिश में सॉल्यूबल और नॉन सॉल्यूबल दोनों तरह के फाइबर होते हैं। किशमिश से शरीर को तुरंत ऊर्जा मिलती है।
रागी में सेल्युलॉस होता है, जो कि एक तरह का फाइबर है। रागी का नियमित सेवन कब्ज को दूर रखता है। इसके अलावा रागी में कैल्शियम, लोहा और प्रोटीन भी प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। रागी का सेवन मधुमेह और मोटापे के शिकार लोगों के लिए भी फायदेमंद रहता है, क्योंकि इसका पाचन धीरे-धीरे होता है, जिससे रक्त में ग्लूकोज का स्राव धीमा हो जाता है।
ओट्स(जई) में फाइबर पर्याप्त मात्रा में होते हैं। इसके अतिरिक्त इसमें आयरन, प्रोटीन और विटामिन बी 1 भी होता है। जई में वसा कम होती है, इससे शरीर में अतिरिक्त कोलेस्ट्रॉल को घटाने में मदद मिलती है। इससे कार्डियोवस्कुलर रोगों को कम करने में मदद मिलती है।
आपके खाने में सूखे मसाले जैसे मिर्च, शिमला मिर्च की आदत बहुत सारे विटामिन और खनिजों को पाने में मदद कर सकती है। जमीनी दालचिनी बहुत अधिक फाइबर उपलब्ध कराती है।
आज चॉकलेट हर किसी को बेहद पसंद है और गाढ़े रंग की (dark chocolate) चॉकलेट का तो प्रचलन आ गया है। कोको पाउडर आयरन और पोटैशियम का अच्छा स्रोत है। जिसके प्रति 100 ग्राम उपभोग से 33.2 ग्राम फाइबर मिल सकता है।
तो आपने जाना कि फाइबर के स्रोत बहुत से हैं और आसानी से घर में मिल भी जाते हैं लेकिन एक दिन में महिलाओं को 25 ग्राम और पुरुषों को 35 से 40 ग्राम से ज्यादा फाइबर भी नहीं लेना चाहिए, वरना डायरिया और निर्जलीकरण हो सकता है।

About the author

Nisha Shekhawat Adhikari

B.sc.(math)
MBA( HR & marketing)
She has participated in various functions as a speaker.
Content or blog writer by passion. She had written few blogs in DNA newspaper Jaipur and Some articles for college magazines.

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