Health & Diet Lifestyle

नशा छोड़ें घर जोड़ें!

नशा छोड़ें घर जोड़ें
नशा करना बहुत पुराना चलन है। प्रकृति के प्रकोप से बचने के लिए इंसान ने कई तरह के प्रयोग किये। कई नयी खाने पीने की चीजें तलाशी गई जो उन्हें प्रकृति से लड़ने की ताकत दे। जैसे बहुत ठन्डे प्रदेशों के लिए शराब खोजी गई जो दवा के रूप में थोड़ी मात्रा में पीने से सर्दी के
असर को कम कर देती थी। इसी प्रकार दूसरी नशे की चीजें भी इंसान की मदद के लिए खोजी गयी।
लेकिन कुछ लोगों ने इन चीजों का दुरूपयोग करना शुरू कर दिया। इनको आनंद और विलासिता की वस्तु के रूप में पेश करके इनके व्यापार से खुद के अमीर होने के स्वार्थ को पूरा किया। इन्हीं लोगों ने शुरू में लत डाली फिर फायदा उठाया। नशे के क्षणिक असर से प्रभावित होकर लोग इसके चंगुल में फंस जाते हैं।
अलग अलग जगहों पर अलग अलग तरह की चीजें नशे के लिए काम में ली जाती हैं। शराब , सिगरेट , अफीम , गांजा , भांग , और कई तरह की जानलेवा दवाएँ तक नशा करने में उपयोग होती है। चाय और कॉफी भी एक तरह का नशा ही है।
नशे की लत पड़ने के कई कारण होते हैं। किसी विशेष जाति वर्ग में नशे का प्रचलन संस्कारों में शामिल होता है। कुछ लोग बड़ों को नशा करते देख कर सीख जाते हैं। कुछ दोस्तों से सीखते हैं और कुछ सिर्फ नयापन और आजादी दिखाने के लिए। आजकल तो अपने पसंदीदा हीरो या अन्य कलाकार को tv पर या कहीं और किसी भी तरह का नशा करते देख खुद भी करने लगते हैं।
कुछ लोग इसमें  ख़ुशी और आनंद तलाशते हैं जो उन्हें कभी नहीं मिलता। कुछ लोग इसे तनाव कम करने का तरीका समझ कर इसके चंगुल में फंस जाते हैं।
शुरुआत में सभी ये सोच कर नशे को अपनाते हैं कि उन्हें लत नहीं पड़ेगी और जब चाहेंगे नशा करना छोड़ देंगे। लेकिन उन्हें पता ही नहीं चलता कब वे इसकी गिरफ्त में इस कदर जकड़ चुके होते हैं कि चाह कर भी इस गिरफ्त से नहीं निकल पाते।
 और इस नशे से सिर्फ आपकी सेहत पर ही बुरा असर नहीं पड़ता बल्कि आपका परिवार भी टूट कर बिखर जाता है। आपके नशे की आदत से आप फिजूलखर्ची करते हैं, घर पर समय नहीं देते। अपने बीवी बच्चों से दूर हो जाते हैं। वो आपसे डरने लगते हैं, क्योंकि नशे की हालत में आप क्या करते हैं, आपको भी नहीं पता होता है। वो सभी लोग जो आपसे बेहद प्यार करते हैं, आपकी इस लत के कारण आपसे नफरत करने लगते हैं। आपका घर सब कुछ होते हुए भी टूटने लगता है। धीरे धीरे जब तक आपको आपकी गलती का अहसास होता है तब तक काफी देर हो चुकी होती है। आपके अपने आप से दूर हो चुके होते हैं। आपका शरीर भी आपका साथ छोड़ने लगता है। अब आप सब कुछ पहले जैसा चाहते हैं लेकिन क्या मुमकिन हो पाता है?  शायद नहीं लेकिन फिर भी कहते हैं ना जब जागो तभी सवेरा। अगर ठान ही लिया है कि नशे की बुरी आदत को छोड़ना ही है तो कई तरीके निकल ही आते हैं। थोड़ा मुश्किल होता है लेकिन नामुमकिन कुछ भी नहीं।

पहले हम जानते हैं नशे से होने वाले नुकसान के बारे में:-

नशा करने से लाभ कुछ नहीं होता लेकिन इसके नुकसान बहुत ज्यादा हैं। सिगरेट , बीड़ी , हुक्का , गुटका आदि में तम्बाकू होता है। जिसके उपयोग से क्षणिक फुर्ती व ताजगी का अनुभव होता है। शुरू में नुकसान दिखाई ना पड़ने के कारण इसका उपयोग बढ़ता चला जाता है।
तम्बाकू के विषैले तत्व शरीर के लिए बहुत हानिकारक होते हैं। धीरे धीरे शरीर को नुकसान पहुंचाना शुरू कर देते हैं तम्बाकू के कारण कैंसर जैसा भयानक रोग हो जाता है। कई लोग तम्बाकू से कैंसर होने के कारण बर्बाद हो जाते हैं क्योंकि इसमें समय और धन दोनों पानी की तरह लगता है।
शराब का नशा करना आजकल फैशन सा हो गया है। इसे आवभगत करने का साधन बना लिया गया है। भारत जैसे गर्म प्रदेशों में शराब का उपयोग बिल्कुल उपयुक्त नहीं है। ज्यादा सर्दी वाले देशों में थोड़ी मात्रा में इसका उपयोग सर्दी से बचाव कर सकता है। शराब का अधिक सेवन या गर्मी के मौसम में इसका उपयोग नुकसानदेह ही होता है। हमारा लीवर शराब को नहीं पचा पाता और रोग ग्रस्त हो जाता है। लीवर हमारे शरीर का बहुत महत्त्वपूर्ण अंग है और यह सैकड़ों  तरह के काम शरीर के लिए करता है। इसके रोग ग्रस्त होने से पूरे शरीर पर दुष्प्रभाव पड़ते हैं।
शराब के कारण लीवर पर पड़ने वाले बुरे असर के कारण बुखार , घबराहट , उल्टी, पेटदर्द हो सकते हैं। भूख बंद हो सकती है। इसके अलावा  शराब से दिमागी शक्ति व स्मरण शक्ति कमजोर हो जाती है । अनिद्रा की समस्या हो जाती है। शरीर का तापमान बनाये रखने की प्रणाली पर बुरा असर पड़ता है। शराब से दिल की धड़कन असामान्य हो जाती है। इससे साँस लेने में तकलीफ व थकान की समस्या भी हो सकती है।
इसी प्रकार हर प्रकार के नशे का शरीर पर बुरा असर ही होता है। नशा करने वाले सभी लोग जानते हैं कि एक दिन नशा करने का गम्भीर परिणाम भुगतना पड़ेगा। नशा करना छोड़ना भी चाहते हैं, लेकिन छोड़ नहीं पाते। शारीरिक , मानसिक और आर्थिक रूप से बहुत परेशान होने के कारण नशा जिंदगी का अभिशाप बन जाता है।
इन सब नशों से मुक्ति कैसे पाई जाए?  वैसे तो आजकल बहुत सारे नशा मुक्ति केंद्र हैं जहाँ नशा छुड़ाया जाता है लेकिन कुछ उपाय आप घर पर भी कर सकते हैं।

शराब छुड़ाने के घरेलू उपाय:-

– चार गिलास पानी ( लगभग एक लीटर ) कांच के बर्तन में लें। इसमें  100  ग्राम नई देसी अजवाइन दरदरी पीस कर भिगो दें। इसे दो दिन भीगने दें। अब इसे धीमी आंच पर उबालें। पानी एक गिलास जितना रह जाये तब उतार कर ठण्डा कर लें। अगले दिन थोड़ा मसल कर छान लें। इसे एक शीशी में भर लें। जब भी शराब पीने की इच्छा हो तो इसमें से चार पाँच चम्मच पी लें। एक महीने तक इस तरह ये पानी पीने से शराब की लत छूट जाती है। थोड़ी इच्छा शक्ति भी मजबूत रखें।
– दिन में तीन चार बार उबले हुए सेव खाने से शराब के प्रति घृणा उत्पन्न हो जाती है। और शराब पीने की आदत छूट जाती है। सेव का रस तीन चार बार पीने और सेव अधिक खाने से शराब पीने की तलब नहीं लगती और शराब छोड़ना आसान हो जाता है।

सिगरेट, बीड़ी, तम्बाकू छुड़ाने के उपाय:-

– 50 ग्राम अजवायन , 50 ग्राम सौंफ और 25 ग्राम काला नमक मिलाकर बारीक पीस लें। इसमें चार चम्मच नीम्बू का रस मिलाकर रात भर के लिए रख दें। अगले दिन सुबह इस चूर्ण को गर्म तवे पर थोड़ा सूखा लें। इसे एक शीशी में भर लें। जब भी तम्बाकू या सिगरेट की तलब लगे तो ये
चूर्ण थोड़ा सा मुँह में डाल कर चूसें। कुछ दिनों में तम्बाकू की लत छूट जाएगी। मन पर नियंत्रण भी रखें।
– सिगरेट की तलब लगने पर छोटी हरड़ मुँह में रखकर चूसने से तलब शांत हो जाती है। इस तरह आदत छोड़ सकते हैं।
– दालचीनी को बारीक पीस कर इसमें शहद मिला लें। तम्बाकू की तलब लगने पर थोड़ा सा ये शहद चाट लें। तलब मिट जाएगी।
– रोजाना चार चम्मच प्याज का रस पीने से तम्बाकू की तलब लगनी बंद हो जाती है। सिगरेट गुटका छूट जाता है।
नशे  के चंगुल से अवश्य मुक्त हो सकते हैं, जरुरत है थोड़े धीरज और इच्छा शक्ति की। ये तो आप भी जानते है कि यदि आपने कुछ करने का निश्चय कर लिया तो फिर आपको कोई रोक नहीं सकता। तो फिर देर किस बात की आपके सबसे बड़े दुश्मन नशे की तलब को दबाकर कुचल दीजिये। और आजादी का जश्न मनाइये। अपने घर को फिर से जोड़ लीजिए। नशा छोड़ें और घर जोड़ें।

About the author

Nisha Shekhawat Adhikari

B.sc.(math)
MBA( HR & marketing)
She has participated in various functions as a speaker.
Content or blog writer by passion. She had written few blogs in DNA newspaper Jaipur and Some articles for college magazines.

Leave a Comment