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धनु, मकर, कुंभ, और मीन राशि की प्रकृति!




 9. धनु राशि की प्रकृति

धनु राशि की प्रकृति

धनु राशि, राशि चक्र के नवें स्थान में आती है और इसका प्रतीक एक अश्व मानव है। जिसका पिछ्ला हिस्सा घोड़े का है और सामने का हिस्सा मानव का है जिसके हाथ में प्रत्यंचा चढ़ा हुआ तीर धनुष है। अत: इस राशि केे जातक  उच्च और निम्न दोनों तरह की प्रवृत्ति के होते हैं।मानव अंग, जिसके हाथ में एक तीर धनुष स्वर्ग की ओर इशारा करते हुए है, यह इंगित करता है, कि ये आध्यात्मिक प्रकृति के इंसान हैं। इसका यह भी मतलब है कि ये बहुत आशावादी हैं और हमेशा चीजों के उज्जवल पक्ष को देखते हैं।आप कभी भी कठिनाइयों के आगे झुकते नहीं हैं। जबकि इनका दूसरा पहलू ऐसा है कि ये कठोर हो जाते हैं और अच्छे सुझाव भी अस्वीकार कर देते हैं। ये बेहद सक्रिय हैं और बाहरी गतिविधियां बहुत पसंद करते हैं। ये हर तरह के खेल और शारीरिक गतिविधियों में रुचि लेते हैं। ये जातक दयालु और ईमानदारी होते हैं।  हमेशा अपने प्रियजनों की समस्याओं को सुलझाने की कोशिश करते रहते हैं। इनकी सक्रियता इनको कभी कभी बेचैन कर देती है। एक समय में कई बातों पर इनको ध्यान केंद्रित करने में मुश्किल आती है। एक साथ बहुत सारे काम नही कर सकते हैं।
धनु राशि के स्वामी ग्रह हैं बृहस्पति।
बृहस्पति सूर्य से पांचवे स्थान पर आते हैं और हमारे सौर मंडल का सबसे बड़े ग्रह भी हैं। ये प्रशस्त कारवाई का प्रतिनिधित्व करते हैं। ये सभी बड़ी, बेहतर और अधिक चीजों के राजा हैं। लेकिन यह भी कहा गया है कि अति सर्वदा वर्जयते। बृहस्पति आपको ज्यादा खर्च करने और किसी काम में डूबने की हद तक शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करता है।बृहस्पति एक आवर्धक लेंस की तरह है जो एक छोटे से मौके को जीवन से बड़ा दिखाता है। आपके स्वामी ग्रह के रूप में, बृहस्पति आपको उन अवसरों का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करता है, जो हमारे जीवन में आता है, शायद एक साहसिक रूप में, और यह विश्वास दिलाता है कि कुछ है जो आपसे भी बड़ा है।
धनु राशि का तत्त्व है अग्नि, जो इंगित करता है इन जातकों का अनंत ऊर्जा से भरा हुआ रहना। आग की तरह, ये जातक अपने ऊर्जा के भंडार का असीम उपयोग करने के बाद भी थका हुआ नहीं महसूस करेंगे। इनके कार्य अप्रत्याशित होते हैं। अक्सर इनकी आगे की योजना नहीं होती है और बिना सोचे कार्य करने लगते हैं। अपने आपको किसी क्रिया में कूदने से नहीं रोक पाते हैं। हालांकि, इनकी ऊर्जा सरंचनात्मक होती हैं न की विनाशात्मक।जो इनकेे दिल के करीब हैं उनका हित इनकेे लिए सर्वोपरी होता है।
विशेषता :-

इन जातकों को कई सकारात्मक गुणों का उपहार मिला हुआ है। इस राशिचक्र की यह सबसे सक्रिय राशि हैं। इनमें धावक के गुण हैं जो इनको खेल और रोमांच के क्षेत्र में बेहद सफल बनाता है। ये स्वतंत्र, आशावादी, सतर्क, दोस्ताना और ईमानदार होते हैं।

कमजोरी:-

इनका अति उत्साह अक्सर इनको अपने सभी कार्यों के पक्ष और विपक्ष पर विचार किए बिना कार्य करने को उकसाता है। ये आसानी से ऊब जाते हैं और अक्सर यथास्थिति से परेशान रहते हैं,यह इनके जीवन के प्रति एकाग्रता को कम करता है। भाव विहीनता,अनम्यता और बैचेनी इनके अन्य नकारात्मक अवगुण हैं।

10.मकर राशि की प्रकृति

मकर राशि की प्रकृति

इस राशि का प्रतीक बकरी है और एक पहाड़ी बकरे की तरह, ये जातक जीवन में उच्च और उच्चतम शिखर तक पंहुचना चाहते हैं। जिसका मतलब है कि ये बहुत महत्वाकांक्षी हैं। इनको विश्वास है कि ये अपने लिए निर्धारित उच्च लक्ष्य को पा कर रहेंगे। यह इन जातकों के लिए बहुत संतोष की बात है और इसी बात के लिए दूसरे इनका सम्मान करते हैं। ये जोखिम लेने से नहीं हिचकते हैं, लेकिन ये लापरवाह नहीं हैं। अपने सभी कार्यों को पूर्व नियोजित तरीके से करते हैं और कार्यान्वित करने से पहले उसका अभ्यास करते हैं। इनकी हर चाल सोची समझी होती है। इनकेे रिश्ते जटिल हो जाते हैं। ये बहुत स्वार्थी हो सकते हैं और एक मजबूत इच्छा होती हैै पर्याप्त नेतृत्व और शक्ति पाने की, जिससे ये समाज में एक उच्च दर्जा हासिल कर सके। ये शांत और शालिन दिख सकते हैं लेकिन अन्दर से ये बहुत भावुक हो सकते हैं। ये आत्म प्रेरित हो सकते हैं, और किसी भी तरह अपने जरुरत के हिसाब से अवसरों को खोजने का प्रबंध कर लेते हैं।इनमें एकाग्रता की अच्छी शक्ति होती है।
मकर राशि का स्वामी ग्रह होता है शनि।
चक्राकार ग्रह, शनि, ज्यादातर “शैतान.” शब्द के साथ जुड़ा हुआ है।यह ग्रह सीमाओं और बंधनो का प्रतीक है। यदि आप इन सीमाओं से परास्त हो जाते हैं तो आप कारण और प्रभाव के कानून के भीतर रहने में अपना समय बर्बाद कर रहे हैं। लेकिन अगर आप आध्यात्मिक अभ्यास की कड़ी मेहनत करते हैं, तो आपको ज्ञान की प्राप्ति होती हैै जो सारी भौतिकता से परे होता है। मकर राशि के लिए स्वामी ग्रह के रूप में, शनि इस बात का प्रतीक है कि आप जिसके लायक हैं वो आपको मिलेगा। जीवन में शॉर्टकट लेने से बाद में आप समस्याओं में फ़ंस सकते हैं।लेकिन अगर आप ईमानदारी से काम करते हैं तो आपको अवश्य ही पुरस्कार मिलेगा।
मकर राशि का तत्त्व पृथ्वी है।
 जिसकी उल्लेखनीय विशेषता व्यावहारिकता है। इस राशि के जातक भी व्यावहारिक हैं, लेकिन सहजता में कमी है। इनके सभी कदम पूर्वनियोजित और पूर्वाभ्यासित होते हैं। ये असफलता को बर्दाश्त नहीं कर सकते हैं, और सुनिश्चित सफ़लता की दिशा में सारे प्रयास करते हैं। ये देख कर विश्वास करने वाले लोगों में से हैं। ये केवल उन्ही बातों पर विश्वास करते हैं जो जांचा परखा जा चुका है। ये  असलियत पसंद करते हैं और आदर्शवादिता से घृणा करते हैं।ऐसा इसलिए होता हैं क्योंकि ये जमीन से जुड़े व्यक्ति हैं और दूसरे भी इनकी राय को महत्व देते हैं।
 विशेषता:-
ये अपने कार्यों में दृढ़ रहते हैं और असफलताओं से प्रभावित नहीं होते हैं।  लगातार कोशिश करते रहते हैं जब तक की ये सफल नहीं हो जाते। भरोसेमंद, धैर्यवान और वफादारी इनकेे अन्य सकारात्मक लक्षण हैं। बाधाओं पर काबू पाने की इनकी आदत इनको मजबूती प्रदान करती है।
 कमजोरी:-
हालांकि ये निसंग्दिग्ध हैं लेकिन नकारात्मकता से मुक्त नहीं हैं। अक्सर ये स्वार्थी हो जाते हैं, और शायद ही कोई कार्य करते हैं जिसमें इनका स्वार्थ शामिल ना हो। इनकी किसी भी तरह से अपने लक्ष्य तक पहुँचने की इच्छा कई बार इनको क्रूर और अपने कार्यों में अत्याचारी बना देती है। ये पूरी तरह से असंवेदनशील और भावनाविहीन हो सकते हैं।

11. कुंभ राशि की प्रकृति

कुंभ राशि की प्रकृति

कुंभ राशि, राशिचक्र की ग्यारहवीं राशि है।ये अत्यंत संवेदनशील होते हैं।  ये कई लोगों के द्वारा घिरे हुए रहते हैं लेकिन वास्तव में इनके कुछ ही बहुत करीबी मित्र और परिचित होते हैं। ये जातक एक अच्छे वार्ताकार हो सकते हैं। ये अपने जैसे लोगों के साथ का आनंद लेते हैं। ये सीधे बोलने वालों में से हैं और ज्यादा परिवर्तन पसंद नहीं करते हैं। लेकिन जब लोग इस बात का फायदा उठाने की कोशिश करते हैं तो ये परेशान हो जाते हैं। और जब कोई इन्हें धोखा देता हैं, तो ये लगभग हमेशा बदला लेने का भयावह भावनाओं से भर जाते हैं। ये अपना निजी जीवन शांतिपूर्ण रखना चाहते हैं। ये भावनात्मक रूप से अपने रिश्तों के साथ जुड़ते हैं और उनसे जुड़े रहते हैं अगर संवेदनशीलता और जुनून की कमी रहे तब भी। ये बुद्धिमान और मजाकिया हैं, जिसकी वजह से अन्य लोग इनकी तरफ़ आकर्षित होते हैं। ये एक त्वरित शिक्षार्थी हैं। ये उत्सुक हैं और अपने चारों ओर जो कुछ भी है उसमें गहरी रुचि लेते हैं, और वास्तव में ये किसी भी एक विशेष बात पर ध्यान केंद्रित नहीं कर पाते हैं।
कुंभ राशि का स्वामी ग्रह यूरेनस है।
यूरेनस सौर प्रणाली में अजीब ग्रह के रूप में माना जाता है।इसका उत्तरी ध्रुव सूर्य की ओर रहता है और  चन्द्रमा इसके चारों ओर पीछे की ओर से घुमता है। जैसे, यूरेनस अपने जीवन में अजीब और अनोखी चीजों का प्रतीक है, यह इस राशि के जातकों का स्वामी ग्रह होने की वजह से यह इनकी प्रतिभा के साथ जुड़ा हुआ है, भले ही यह अल्पकालिक हो। यूरेनस छिपे हुए तनाव को अचानक मुक्त कर सकता है।वास्तव में, यूरेनस अक्सर ज्योतिषिय रुप से दोषी है जो आपके जीवन में उलट फ़ेर लाता है।यह आपको सामाजिक अन्याय के खिलाफ लड़ने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता हासिल करने के लिए प्रोत्साहित करता हैं।
कुंभ राशि का तत्त्व वायु है।
वायु तत्व का ज्योतिषिय अर्थ आंदोलन होता है। वायु विचारक का संकेत विचारक है और यह आपसे जुड़ा हुआ हैै आप कारवाई की तुलना में बुद्धि को अधिक महत्व देते हैं। आप जन्मजात वार्ताकार हैं, आपका मन सचेत और भाषा पर अच्छी कमान है।आप हल्के और विनम्र हो सकते हैं लेकिन आपके शब्दों में तूफ़ान की शक्ति हो सकती है।
विशेषता:-
ये जातक दयालु और मानवीय गतिविधियों में रुचि लेने वाले होते हैं। इनके सकारात्मक गुण हैं कि ये मजाकिया, बुद्धिमान, देखभाल करने वाले, रचनात्मक और आत्मनिर्भर होते हैं। चीजों को देखने का इनका उदार तरीका भी इनकी एक और बड़ी ताकत है।
कमजोरी:-
ये लापरवाह और भावनाविहीन बन सकते हैं। ये रिश्ते में शामिल हो जाते हैं चाहे वो दिल से चाहें या ना चाहें, यह वास्तव में इनके अन्दर अलगाव की भावना लाता है। इनके अन्य नकारात्मक गुण हैं कि ये जिद्दी,भावनाविहीन,उद्दंड और उदासीन होते हैं।

12.मीन राशि की प्रकृति

मीन राशि की प्रकृति

मीन,राशि चक्र की अंतिम राशि है और दो मछलियां जो विपरीत दिशाओं में तैर रही हैं , इसका प्रतीक है। मछली बहुमुखी है और यह आपका चिह्न होने के कारण आप में भी व्यापक तरह के लक्षण पाये जाते हैं। आप समुद्र के शार्क की तरह खतरनाक हो सकते हैं, या तालाब की मछली तरह विनम्र हो सकते हैं। आप स्वतंत्र रहना पसंद करते हैं, यहां तक कि जब आप समूह में चल रहे हो तब भी। आप राशिचक्र में सबसे बड़े सपना देखने वालों में से हैं। अपनी खुद की काल्पनिक दुनिया में रहना पसंद करते हैं।आप जीवन को एक गुलाबी आभा लिए कांच की नजर से देखते हैं जिसका वास्तविकता से सबंध हो भी सकता है और नहीं भी हो सकता है। जब वास्तविकता का सामना करना पड़ता है,तब आप सच्चाई का पूरी तरह सामना करने के बजाय कल्पना की अपनी दुनिया में वापसी करना चाहते हैं। आप आलसी और निष्क्रिय हो सकते हैं। आप स्वार्थी भी हो सकते हैं और जब तक आपका हित नहीं सध जाता, तब तक आप अपने मित्रों के हितों की भी चिन्ता नहीं करते हैं। आप दुनिया के सबसे कमजोर चरित्र वाले व्यक्ति हो सकते हैं जो निंदनीय हैं और आप आसानी से दूसरों के द्वारा प्रभावित हो सकते हैं।हालांकि, आम तौर पर आप एक विनम्र दिल वाले इंसान हैं और भाग्यहीन लोगों की मदद करने की इच्छा रखते हैं।
मीन राशि का स्वामी ग्रह नेपच्यून है।
नेपच्यून सागरों का भगवान है। यह वास्तविकता के विघटन का प्रतीक है, क्योंकि यह माना जाता है कि पृथ्वी समुद्र से पैदा हुई है और अंत में इसे समुद्र में ही समाना है।नेपच्यून को धुंध द्वारा प्रदर्शित किया जा सकता है, जो आपको वास्तविकता को देखने से रोकती है। इसके बजाय, आपको अपनी कल्पना पर भरोसा करके छिपे हुए लोकों से बाहर निकलने का मार्गदर्शन पाना चाहिए। आपका मुख्य ग्रह नेपच्यून आध्यात्मिक और रहस्यवादी है।यह जो कुछ भी है वो आप अपनी पांच इंद्रियों से महसूस नहीं कर सकते हैं।
मीन राशि का तत्त्व जल है।
संयोग देखिए कि राशि की प्रतीक मछली है और आप जल तत्व के अन्तर्गत आते हैं। इस तत्व के लोग भावुक प्रकृति के होते हैं। पानी की तरह आप भावनाओं के गहरे सागर में चले जाते हैं और उथले ही रहते हैं।आपकी भावनाएं सारा दिन एक जैसी नहीं रहती हैं। मूड का बदलते रहना आपके लिए काफी सामान्य है।आपकी पानी के जैसी प्रकृति आपको एक आदर्श स्वप्नदर्शी बनाती है। आप अपने ही विचारों और विश्वासों की दुनिया में रहते हैं।कभी कभी ही आप अपने आप को दूसरों के विचारों से संबंधित कर पाते हैं।
विशेषता:-
इस राशि के जातकों की मुख्य ताकत इनकी कल्पनाशीलता है और इसलिए ये रचनात्मक होते हैं। ये अहंकारी कभी नहीं हो सकते हैं। ये बहुत लचीले होते हैं और आसानी से परिस्थितियों के अनुकूल ढल जाते हैं। इनके अन्य गुण है कि ये दयालु, सहिष्णु, समर्पित और ईमानदार होते हैं।
कमजोरी:-
ये निष्क्रिय और बहुत भोले हो सकते हैं  और इसलिए आसानी से दूसरों के निहित स्वार्थ के द्वारा शोषित किए जाते हैं। इनकी अन्य कमजोरियां हैं कि ये अत्यधिक भावुक, अनिश्चयवादी, आलसी और पलायनवादी होते हैं।z

 

About the author

Nisha Shekhawat Adhikari

B.sc.(math)
MBA( HR & marketing)
She has participated in various functions as a speaker.
Content or blog writer by passion. She had written few blogs in DNA newspaper Jaipur and Some articles for college magazines.

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