Motivation

ज़िंदगी एक दौड़ नही है |

ज़िंदगी एक दौड़ नही है

ज़्यादा की उमीद हमें चिंतित रखती है | आज मेरे पास अच्छे कपड़े, अपना एक छोटा सा घर और एक प्यार भरा परिवार है – और मैं इससे बहुत खुश हूँ | एक समय था जब मैं दूसरो के पास महेंगे फोन, बड़ी गाड़ियाँ और ब्रांडेड कपड़े देखता था और उन्हे पाने की चाह रखता था | मैं ज़रूरत से ज़्यादा खटने लगा और इसी कारण मैं हमेशा तनाव मे रहता था |

मेरी पत्नी ने मुझे समझाया की जितना है वह एक सुखी जीवन जीने के लिए काफ़ी है | यह बात मेरी समझ मे ज़रा देरी से आई परंतु आज मैं एक खुशहाल जीवन जी रहा हूँ |

आपके पास जितना है उससे ज़्यादा किसी ना किसी के पास हमेशा होगा | हमें ज़िंदगी को रेस नही समझना चाहिए |

About the author

Nisha Shekhawat Adhikari

B.sc.(math)
MBA( HR & marketing)
She has participated in various functions as a speaker.
Content or blog writer by passion. She had written few blogs in DNA newspaper Jaipur and Some articles for college magazines.

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